झालावाड़ में नाबालिग बच्चियों के शोषण का खुलासा, 6 को छुड़ाया; 5 आरोपी गिरफ्तार
परिजनों पर बेटियों को शोषण में धकेलने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि भवानीमंडी क्षेत्र की कुछ बस्तियों में नाबालिग बच्चियों से जबरन देह व्यापार करवाया जा रहा था। आरोप है कि बच्चियों के परिजन ही उन्हें इस काम में धकेल रहे थे और दलालों के जरिए सौदे किए जा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की। 7 अक्टूबर को शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जानकारी जुटाई गई और विशेष टीम बनाई गई।
स्पाई कैमरों से जुटाए सबूत, 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने दी दबिश
एसपी अमित बुढानिया के अनुसार, प्रोबेशनर आईपीएस आयुष श्रोत्रिय के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। टीम के सदस्य राहुल सामरिया और चंद्रशेखर को स्पाई कैमरों के साथ संबंधित बस्ती में भेजा गया।
पुलिस ने कथित सौदों से जुड़े डिजिटल सबूत जुटाए। इसके बाद 15 टीमों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने डेरों में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 6 नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया गया। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
मेडिकल जांच में 5 बच्चियों के साथ शोषण की पुष्टि
मेडिकल बोर्ड की जांच में 5 बच्चियों के साथ बार-बार यौन शोषण होने की पुष्टि हुई। इनमें से 2 बच्चियां यौन संचारित रोग से ग्रसित मिलीं। पुलिस के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच में बच्चियों से जुड़े नमूनों में पुरुष डीएनए मिला। चार बच्चियों के नमूनों में मिश्रित पुरुष डीएनए की पुष्टि हुई। एफएसएल ने 24 घंटे में जांच रिपोर्ट तैयार की। मुक्त कराई गई सभी बच्चियों को बालिका गृह भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
मां और दलालों सहित 5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में बच्चियों की मां और दलालों सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह मामला बालिकाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ा बेहद गंभीर मुद्दा सामने लाता है। इसमें परिजनों पर ही बच्चियों को शोषण में धकेलने का आरोप है। ऐसी घटनाओं में समय पर शिकायत, पुलिस कार्रवाई और पीड़ितों को सुरक्षित वातावरण देना बेहद जरूरी है।
आगे क्या?
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले में अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। बच्चियों की सुरक्षा, देखभाल और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। मामले में जांच और अदालत की कार्रवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।