झालावाड़ में तस्करी के आरोप में कांस्टेबल गिरफ्तार, 14 लाख रुपए नकद मिले
झालावाड़ में एक पुलिस कांस्टेबल तस्करी में संलिप्त मिला है। यह खबर फलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। कोटा शहर पुलिस ने कांस्टेबल मनोज मालव को विज्ञान नगर इलाके से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, उसके पास से करीब 14 लाख रुपए नकद मिले। उस पर तस्करी के एक कथित सौदे से जुड़े होने का आरोप है।
डीएसटी प्रभारी को मिली थी सूचना
मामले की शुरुआत झालावाड़ से हुई। वहां जिला विशेष टीम यानी डीएसटी (DST – District Special Team) काम करती है। इसके प्रभारी विष्णु सिंह को एक सूचना मिली। सूचना थी कि कांस्टेबल मनोज मालव कथित तौर पर तस्करी में शामिल है। उसके एक सौदे से जुड़े होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया। इसके बाद मामले की पड़ताल शुरू हुई।
कोटा में मिली लोकेशन
जांच के दौरान कांस्टेबल की लोकेशन कोटा में मिली। डीएसटी प्रभारी विष्णु सिंह ने यह जानकारी कोटा पुलिस से साझा की। दोनों जिलों की पुलिस ने आपस में सूचनाएं बांटीं। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय हुई।
कांस्टेबल की कैसे हुई गिरफ्तारी
झालावाड़ पुलिस से सूचना मिलते ही कोटा सिटी पुलिस हरकत में आई। विज्ञान नगर इलाके में कांस्टेबल को डिटेन किया गया। इसके बाद उसकी तलाशी ली गई। कोटा विज्ञान नगर पुलिस ने मौके पर जांच भी की।
14 लाख रुपए नकद बरामद
पुलिस के अनुसार, तलाशी में करीब 14 लाख रुपए नकद बरामद हुए। एक सिपाही के पास इतनी बड़ी नकदी मिलना कई सवाल खड़े करता है। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध तकनीकी साक्ष्य मिलने की भी जानकारी है। जांच में इनकी अहम भूमिका हो सकती है।
हालांकि, ये साक्ष्य किस तरह के हैं, यह अभी साफ नहीं है। वे कथित सौदे से कैसे जुड़े हैं, यह भी सामने नहीं आया है। जांच के नतीजे आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
एनडीपीएस एक्ट धारा 30 में केस
कोटा पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। केस एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ। इसका पूरा नाम नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS – Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट है। केस दर्ज होने के बाद कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या कहती है धारा 30?
सोर्स के मुताबिक, यह धारा मादक पदार्थों से जुड़े अपराध की तैयारी से संबंधित है। यानी यह अपराध की श्रेणी में आने वाली धारा है। यह धारा किन तथ्यों पर लगी, इसकी पूरी जानकारी अभी नहीं आई है।
किन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस?
कोटा पुलिस (Kota police) अब कई पहलुओं की जांच कर रही है। पहला सवाल नकदी के स्रोत का है। दूसरा सवाल यह है कि कथित सौदा किससे जुड़ा था। तीसरा, क्या इसमें और लोग भी शामिल हैं? बरामद तकनीकी साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच हो रही है। इन्हीं से आगे की कड़ियां जुड़ सकती हैं।एक पुलिसकर्मी पर तस्करी के कथित सौदे का आरोप गंभीर है। इस कार्रवाई ने विभाग के भीतर भी सवाल खड़े किए हैं। राजस्थान पुलिस कांस्टेबल केस अब चर्चा में है।