झालावाड़ स्कूल हादसा : मृतक बच्चों की संख्या हुई 7, हेडमास्टर समेत 5 शिक्षक निलंबित, राष्ट्रपति और पीएम ने जताया शोक
राजस्थान के झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में स्थित सरकारी स्कूल की बिल्डिंग शुक्रवार सुबह अचानक गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई, और 28 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी सरकारी स्कूल में हुआ। घटना के बाद से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की इमारत की जर्जर स्थिति के बारे में कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हादसे में अभी भी और बच्चों के फंसे होने की संभावना है, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को तीव्र गति से चलाया जा रहा है। वहीं, इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। राजस्थान के शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने कहा कि ये कांग्रेस के पाप हैं, जिनका दंड हमें भुगतना पड़ रहा है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र में स्कूल भवन की छत गिरने से हुए हृदय विदारक हादसे में कई बच्चों की दु:खद मृत्यु एवं दर्जनों बच्चों के मलबे में दबे होने की ख़बर सुनकर मन व्यथित और पीड़ा में है। ये सिर्फ हादसा नहीं, हत्या है! भाजपा सरकार के कॉलेप्स सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है। कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि सरकारी स्कूल की रिपोर्ट हर तीसरे महीने ली जाती है। जिसे खुद शिक्षा मंत्री देखते हैं। शिक्षा मंत्री ने रिपोर्ट क्यों नहीं देखी जबकि दो साल से इनकी सरकार है? जो जर्जर स्कूल होते हैं उन्हें ठीक करवाया जाता है, इन्होंने एक स्कूल में एक रुपया नहीं लगाया।
हेडमास्टर समेत 5 शिक्षक निलंबित
झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने पिपलोदी स्कूल की हेड मास्टर मीना गर्ग के साथ टीचर जावेद अहमद, रामविलास लववंशी, कन्हैयालाल सुमन और बद्रीलाल लोधा को निलंबित कर दिया है।
प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीणों
उधर, हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। लोगों में प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ गुस्सा है। ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं, प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।
झालावाड़ स्कूल हादसे में 11 छात्र गंभीर
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग और पुलिस ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया। डॉक्टर कौशल लोढ़ा के अनुसार, 35 बच्चों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से 11 गंभीर रूप से घायल बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि पीपलोदी स्कूल की छत बहुत समय से जर्जर अवस्था में थी, लेकिन इसके बावजूद वहां पढ़ाई जारी थी।
अधिकारी और ग्रामीण रेस्क्यू में जुटे
हादसे के बाद जिला कलक्टर भी मौके पर पहुंच गए हैं। रेस्क्यू कार्य में 4 जेसीबी मशीनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की टीम लगी हुई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव कार्य को तेज किया जा रहा है।
झालावाड़ से 110 किमी दूर है स्कूल
यह घटना झालावाड़ मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर हुई है, और यहां पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग सकता है। स्थानीय प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि घायलों को समय पर इलाज मिले और रेस्क्यू कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
राष्ट्रपति और पीएम ने जताया शोक
झालावाड़ स्कूल हादसे को लेकर द्रोपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक जताया है। पीएमओ और राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से इस संबंध में एक्स पर संदेश दिया गया है।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा क्या?
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा किस्कूल की छत गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है. घायल बच्चों के समुचित इलाज सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. ईश्वर दिवंगत दिव्य आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें. ॐ शांति!'
पूर्व सीएम गहलोत ने जताई संवेदना
झालावाड़ में हुए हादसे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदना जताई है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि झालावाड़ के मनोहरथाना में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों एवं शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिल रही है। मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं।
भरतपुर-डीग दौरा रद्द कर झालावाड़ जा रहे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर
उधर, हादसे के बाद राजस्थान के शिक्षामंत्री मदन दिलावर भी झालावाड़ जा रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र में विद्यालय की छत गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक है। इस हृदयविदारक घटना की गंभीरता को देखते हुए दो दिवसीय भरतपुर-डीग दौरा तत्काल प्रभाव से रद्द कर झालावाड़ के लिए प्रस्थान कर लिया है।
खबर लगातार अपडेट की जा रही है...
FAQ
- 1. झालावाड़ स्कूल हादसे में कितने बच्चे घायल हुए थे?
इस हादसे में 35 बच्चे घायल हुए हैं। इनमें से 11 गंभीर रूप से घायल हैं। - 2. झालावाड़ में स्कूल हादसे का कारण क्या है?
इस स्कूल की इमारत की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया था। - 3. झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में किस तरह की मदद की जा रही है?
रेस्क्यू ऑपरेशन में 4 जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, और स्थानीय पुलिस और ग्रामीण भी मिलकर बच्चों को मलबे से बाहर निकालने में मदद कर रहे हैं।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃
🤝💬👩👦👨👩👧👧
झालावाड़ स्कूल हादसा | Madan Dilawar | Education Minister Madan Dilawar | School Education Minister Madan Dilawar | मदन दिलावर | मदन दिलावर | कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर | राजस्थान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर