सड़कें गड्ढों से गुलजार, दीवारें रंगने पहुंचे सरकार, झोटवाड़ा में मंत्री राज्यवर्धन ने चलाया ब्रश
जयपुर को गुलाबी रंग में सजाने की तैयारी चल रही है। नगर निगम शहर की दीवारों पर रंग-बिरंगी पेंटिंग करवा रहा है। लेकिन इसी जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में टूटी सड़कों और जलभराव की समस्याओं को लेकर लोग कई बार सड़कों पर उतर चुके हैं। कहीं गड्ढों में नाव चलाकर विरोध किया गया तो कहीं लोगों ने एस्ट्रोनॉट बनकर सड़कों की बदहाली दिखाई।
इसी बीच शनिवार को झोटवाड़ा विधायक और मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने नगर निगम के 'रंग दे गुलाबी 2.0' अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने झोटवाड़ा-वैशाली नगर जोन के वार्ड नंबर 27 में बायोडायवर्सिटी पार्क के सामने दीवार पर पेंटिंग की। मंत्री ने खुद ब्रश चलाकर अभियान में जुटी टीम का उत्साह बढ़ाया।
इस पहल के बीच सवाल यह है कि जिन सड़कों की खराब हालत को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किए थे, उनकी मरम्मत कितनी हुई? दीवारों के सौंदर्यीकरण के साथ सड़कों और जल निकासी की समस्याओं का समाधान कब होगा?
गोकुलपुरा में एस्ट्रोनॉट बनकर गड्ढों में उतरे थे लोग
झोटवाड़ा के गोकुलपुरा क्षेत्र में टूटी सड़कों के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन हुआ था। वार्ड नंबर 46 और 47 के 100 से ज्यादा लोगों ने प्रताप सर्किल रोड पर प्रदर्शन किया। इस दौरान दो लोग एस्ट्रोनॉट की पोशाक पहनकर पानी से भरे गड्ढों में उतर गए।
लोगों ने सड़कों के गड्ढों की तुलना चांद और मंगल ग्रह की सतह से की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लंबे समय से सड़कें खराब हैं। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को परेशानी होती है।
निवारू रोड पर नाव चलाकर जताया था विरोध
झोटवाड़ा की निवारू रोड पर भी अगस्त में जलभराव को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। स्थानीय लोगों ने सड़क पर जमा पानी में प्रतीकात्मक नाव चलाकर प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की थी। लोगों का आरोप था कि इलाके में लंबे समय से ड्रेनेज और सीवरेज की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भर जाता है। इससे लोगों को घरों से निकलने और वाहन चलाने में परेशानी होती है।
सिरसी रोड और कालवाड़ रोड पर भी उठ चुके हैं सवाल
झोटवाड़ा क्षेत्र की प्रमुख सड़कों में शामिल सिरसी रोड और कालवाड़ रोड पर भी गड्ढों, जलभराव, अतिक्रमण और यातायात की समस्याओं को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इन सड़कों से आसपास की कॉलोनियों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। बारिश के दौरान पानी निकासी की व्यवस्था कमजोर होने और सड़क क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें पहले प्रकाशित हुई थीं।
दोनों सड़कों की पूरी लंबाई की वर्तमान स्थिति अलग-अलग है। कुछ हिस्सों में निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया चल रही है, जबकि कुछ कार्यों के लिए स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया सामने आई है। ऐसे में सवाल है कि सड़क निर्माण के साथ ड्रेनेज की स्थायी व्यवस्था कब तक पूरी होगी।
क्या है 'रंग दे गुलाबी 2.0' अभियान?
जयपुर नगर निगम ने शहर को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से 'रंग दे गुलाबी 2.0' अभियान शुरू किया है। नगर निगम की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक 24 अक्टूबर को एक ही दिन में शहर की 600 से ज्यादा दीवारों को रंगने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान की शुरुआत सुबह 11 बजे त्रिमूर्ति सर्किल स्थित मूक-बधिर विद्यालय से निर्धारित की गई थी।
इस अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े चित्र बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में झोटवाड़ा-वैशाली नगर जोन के वार्ड नंबर 27 में बायोडायवर्सिटी पार्क के सामने पेंटिंग कराई गई। यहां मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने खुद दीवार पर रंग लगाया।
पांच महीने पहले भी रंगी गई थीं 500 से ज्यादा दीवारें
जयपुर में दीवारों पर पेंटिंग कराने का यह पहला अभियान नहीं है। मई 2026 में भी नगर निगम ने 'रंग दे गुलाबी' अभियान चलाया था। उस दौरान शहर के अलग-अलग जोन में 500 से ज्यादा दीवारों पर 600 से अधिक कलाकृतियां बनाने की जानकारी सामने आई थी।
इनमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के संदेश शामिल किए गए थे।
दीवारों के साथ सड़कों की सूरत कब बदलेगी?
नगर निगम का सौंदर्यीकरण अभियान शहर की सुंदरता बढ़ाने की पहल है। लेकिन झोटवाड़ा में सड़क और जलभराव के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों ने बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल खड़े किए हैं।
शहर की दीवारें सुंदर बनें, यह अच्छी पहल है। लेकिन जनता को बेहतर सड़कें, सुरक्षित आवागमन और जलभराव से राहत मिलना भी उतना ही जरूरी है।