जोधपुर नगर निगम चुनाव: फलोदी सट्टा बाजार का आया अनुमान, जानें किसका पलड़ा भारी
समझें क्या है पूरा मामला
- फलोदी सट्टा बाजार का अनुमान, जोधपुर में भाजपा आगे।
- सट्टा बाजार के अनुसार भाजपा 43, कांग्रेस 32, निर्दलीय 22 सीटें।
- अब जोधपुर नगर निगम में निर्दलीय बन सकते हैं किंगमेकर।
- 100 वार्डों का है गणित, बहुमत का आंकड़ा पाने में कड़ी टक्कर।
- सट्टा बाजार के अनुसार RLP को भी 3 सीटें आने का अनुमान।
नरेश रमेश @ जोधपुर
चुनावी समीकरणों और नतीजों के सटीक आकलनों के लिए देशभर में प्रसिद्ध फलोदी सट्टा बाजार ने जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर अपनी अनौपचारिक भविष्यवाणी जारी कर दी है।
सट्टा बाजार के ताजा रुझानों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है, लेकिन स्पष्ट बहुमत से दूर रहने के कारण इस बार मेयर की कुर्सी का फैसला निर्दलीय उम्मीदवारों के हाथ में रहने वाला है।
सट्टा बाजार का सीटवार गणित
फलोदी सट्टा बाजार के ताजा अनुमानों के अनुसार 100 वार्डों का संभावित बंटवारा इस प्रकार है:
| पार्टी / समूह | अनुमानित सीटें | कुल 100 में हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 43 | 43% |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | 32 | 32% |
| निर्दलीय एवं अन्य (N) | 22 | 22% |
| राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) | 3 | 3% |
| कुल | 100 | 100% |
नोट: ये आंकड़े आपके दिए गए फलोदी सट्टा बाजार के अनुमानों पर आधारित हैं, आधिकारिक चुनाव परिणाम नहीं। राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की आधिकारिक प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के अधीन है।
चुनावी गणित: 50% से अधिक पार्षदों के बिना बहुमत संभव नहीं
नगर निगम जोधपुर में अपना बोर्ड बनाने और महापौर (मेयर) पद पर अपना प्रत्याशी बैठाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को कुल सीटों के 50% से अधिक पार्षद (कम से कम 51 पार्षदों) का समर्थन हासिल करना अनिवार्य होता है।
तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर
भाजपा की स्थिति: भाजपा 43 सीटों के साथ शीर्ष पर जरूर दिख रही है, लेकिन 51 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए उसे अभी भी 8 अतिरिक्त पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
कांग्रेस की स्थिति: कांग्रेस 32 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है और उसे बहुमत साबित करने के लिए 19 पार्षदों के समर्थन की दरकार होगी।
22 निर्दलीय प्रत्याशी बनेंगे 'किंगमेकर'
सट्टा बाजार द्वारा जारी आंकड़ों का सीधा गणित यह बताता है कि इस बार निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है:
बोर्ड गठन की चाबी: 22 सीटों पर निर्दलीयों की बढ़त यह दर्शाती है कि जो भी प्रमुख पार्टी निर्दलीयों को अपनी ओर साधने और लामबंद करने में सफल होगी, वही नगर निगम में अपना बोर्ड स्थापित कर पाएगी।
किंगमेकर की भूमिका: भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मुख्य दलों को सत्ता तक पहुंचने के लिए निर्दलीय और आरएलपी (3 सीटें) के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ेगा।
क्यों खास है फलोदी सट्टा बाजार का आकलन?
फलोदी सट्टा बाजार कई दशकों से देश और प्रदेश की राजनीतिक फिजा को भांपने का एक प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। प्रमुख विधानसभा व लोकसभा चुनावों में इसके गणितीय आकलन कई बार सटीक साबित हुए हैं, जिससे राजनीतिक विश्लेषक और आम जनता इसे एक तरह का 'चुनावी ज्योतिष' भी मानते हैं।
हालांकि फलोदी सट्टा बाजार के ये आंकड़े पूरी तरह से गैर-आधिकारिक और बाजार के सटोरियों के अनुमानों पर आधारित हैं। इसे कोई अंतिम या कानूनी परिणाम नहीं माना जा सकता। प्रामाणिक एवं आधिकारिक नतीजे मतगणना के बाद चुनाव आयोग द्वारा ही घोषित किए जाएंगे, फिर भी राजनीतिक जानकार इन रुझानों को नजरअंदाज नहीं कर पा रहे हैं।
ये भी पढ़ें:-
उदयपुर में नगर निगम चुनाव नामांकन शुरू, भाजपा के दिनेश भट्ट ने भरा पहला नामांकन
निकाय चनाव: विधायकों की मनमर्जी पर कांग्रेस का अंकुश, बदला टिकट वितरण पैटर्न
जयपुर निगम चुनाव, कैंडिडेट की सुविधा के लिए 15 केंद्रों पर खुलेंगे नामांकन ऑफिस
निकाय चुनाव टिकट: बीजेपी टिकट फॉर्मूला, अब चार परीक्षा से गुजरना होगा