मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम में किया बदलाव, अब नहीं लगाने पड़ेंगे निगम के चक्कर

Ashish Bhardwaj | Sept 10, 2026, 22:29 IST
मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम
राजस्थान के जोधपुर में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब अस्पताल पहुंचने से पहले मृत घोषित मरीजों का प्रमाण पत्र अस्पताल ही जारी करेंगे। पहले परिजनों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते थे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जोधपुर में मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है।
  • अब अस्पताल प्रमाण पत्र जारी करेंगे।
  • पहले परिवारों को निगम के चक्कर लगाने पड़ते थे।
  • व्यवस्था मौखिक आदेशों के आधार पर चल रही थी।
  • नए निर्देशों से लोगों को राहत मिलेगी।

मौखिक आदेशों से चल रही थी व्यवस्था

जोधपुर में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था लंबे समय से सवालों में थी। कई परिवारों को अपने परिजनों की मौत के बाद प्रमाण पत्र के लिए परेशान होना पड़ रहा था। मामला तब सामने आया जब पश्चिम बंगाल निवासी बापी देव की मौत हुई। बापी देव को अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचने से पहले मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अस्पताल पहुंचा।



परिवार को भेजा गया नगर निगम

परिजनों को बताया गया कि ऐसे मामलों में प्रमाण पत्र नगर निगम जारी करेगा। परिवार को नगर निगम जाने के लिए कहा गया। जब इस व्यवस्था का लिखित आदेश मांगा गया तो कोई दस्तावेज नहीं मिला। नगर निगम और जिला कलेक्टर सांख्यिकी विभाग के पास भी ऐसा कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं था। इसके बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।



प्रशासन ने बदले निर्देश

मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने अपनी प्रक्रिया स्पष्ट की। अब अस्पताल पहुंचने से पहले मृत घोषित मरीजों के प्रमाण पत्र अस्पताल ही जारी करेंगे। इससे परिजनों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं होगी। सभी संबंधित अस्पतालों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को नए निर्देश भेजे गए हैं।



अस्पतालों की होगी जिम्मेदारी

नए नियमों के अनुसार यदि कोई मरीज अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित होता है तो उसी अस्पताल की जिम्मेदारी होगी।अस्पताल की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इस फैसले से परिवारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। किसी अपने को खोने के बाद परिजनों को सरकारी प्रक्रिया में उलझना नहीं पड़ेगा।



अधिकारियों ने क्या कहा

जिला रजिस्ट्रार मीनाक्षी ने बताया कि ब्रॉट डेड मरीजों के मृत्यु प्रमाण पत्र नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में कोई अन्य दिशा-निर्देश हैं तो उपलब्ध करवाए जाएं। वहीं नगर निगम जोधपुर की उप रजिस्ट्रार दीपमाला ने नई व्यवस्था की जानकारी दी।



उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीज की मृत्यु घोषित करने वाला अस्पताल ही प्रमाणपत्र बनाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अधीन अस्पतालों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सर्कुलर भेजा गया है।



मृत्यु प्रमाण पत्र


परिवारों को मिलेगी राहत

मृत्यु के बाद परिवार पहले ही दुख में होता है। ऐसे समय में कार्यालयों के चक्कर लगाना परेशानी बढ़ाता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी आसान होगी।



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