जोधपुर में बाड़ेबंदी के बाद पार्षदों को मिले मोबाइल, चेहरे पर आई खुशी
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर में उपमहापौर चुनाव की प्रक्रिया पूरी।
- चुनाव के बाद पार्षदों को वापस मिले मोबाइल फोन।
- मोबाइल मिलने पर पार्षदों के चेहरे पर आई ख़ुशी।
- चुनाव से पूर्व बाड़ेबंदी में रखे गए थे पार्षद।
- जोधपुर में महापौर और उपमहापौर भाजपा के।
राजस्थान के नगर निगमों में उपमहापौर पद के लिए मतदान संपन्न हुआ। मतदान का समय दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित था। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई।
चुनाव के दौरान अनुशासन और गोपनीयता बनाए रखने के लिए पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखा गया था। उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए थे। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद पार्षदों को उनके मोबाइल वापस लौटा दिए गए। मोबाइल मिलने पर उनके चेहरों पर खुशी साफ देखी गई।
जोधपुर में क्या रहा नतीजा?
जोधपुर नगर निगम में उपमहापौर पद के लिए भाजपा के विजय सिंह पंवार को जीत मिली। उन्हें 52 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल करीम जानी को 48 वोट मिले। इस तरह भाजपा ने यह पद भी अपने नाम कर लिया।
इससे पहले महापौर पद के चुनाव में भी भाजपा को जीत मिली थी। भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता को 53 वोट मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी को 47 वोट मिले थे। दोनों पदों पर भाजपा का कब्जा हो गया है।
बाड़ेबंदी क्यों की जाती है?
चुनाव के दौरान पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखा जाता है। इसका मकसद अनुशासन बनाए रखना होता है। इससे बाहरी दबाव या प्रभाव से बचाव होता है।
मोबाइल फोन लेने का भी यही कारण है। इससे वोट की गोपनीयता बनी रहती है। कोई भी पार्षद बाहरी व्यक्ति से संपर्क नहीं कर सकता। इससे चुनाव में स्वयं की पार्टी के वोट कटने से बच जाते हैं।
मतगणना कैसे हुई?
मतदान शाम 5 बजे खत्म हुआ। इसके तुरंत बाद मतगणना शुरू हो गई। मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए।
जोधपुर में भाजपा के दोनों प्रत्याशियों को स्पष्ट बहुमत मिला। महापौर पद पर 53 और उपमहापौर पद पर 52 वोट मिले। इससे साफ है कि भाजपा के पार्षदों ने एकजुटता बनाए रखी। कांग्रेस के प्रत्याशी 47 और 48 वोटों पर सिमट गए।
क्यों अहम है यह नतीजा?
जोधपुर नगर निगम राजस्थान के बड़े निकायों में से एक है। यहां के नतीजे राज्य की सियासत के लिए अहम माने जाते हैं। भाजपा ने दोनों पदों पर जीत हासिल की है।
इससे जोधपुर नगर निगम की सत्ता पर भाजपा का पूरी तरह कब्जा हो गया है। अब निगम की कमान भाजपा के पास रहेगी। आने वाले समय में विकास कार्यों और योजनाओं पर इसका असर देखा जा सकता है।
आगे क्या होगा?
अब जोधपुर नगर निगम में नई टीम काम संभालेगी। महापौर प्रसन्नचंद मेहता और उपमहापौर विजय सिंह पंवार अपना कार्यभार संभालेंगे।
उनके सामने शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने की चुनौती भी रहेगी। स्थानीय लोगों को नई टीम से उम्मीदें हैं।
ये भी पढ़ें:-
अजमेर मेयर चुनाव: क्या खारिज होगा कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन? जानिए पूरा सच
भीलवाड़ा नगर निगम: भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध निर्वाचित, बनीं नई महापौर
निकाय चनाव: विधायकों की मनमर्जी पर कांग्रेस का अंकुश, बदला टिकट वितरण पैटर्न
जयपुर निगम चुनाव, कैंडिडेट की सुविधा के लिए 15 केंद्रों पर खुलेंगे नामांकन ऑफिस