ट्रेनों में 3 करोड़ की चोरी करने वाले आरोपी गिरफ्तार, 7 राज्यों में थे सक्रिय
समझें क्या है पूरा मामला
- ट्रेन में 3 करोड़ के सोना-हीरे चोरी करने वाले गिरफ्तार।
- जोधपुर GRP ने पकड़े दो शातिर चोर।
- 7 राज्यों में कर चुके थे करोड़ों की चोरी।
- फर्जी नाम से रिजर्वेशन कर देते थे वारदात।
- तमिलनाडु पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर रवाना।
जोधपुर जीआरपी (Government Railway Police – सरकारी रेलवे पुलिस) ने ट्रेनों में चोरी करने वाले दो आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों ने 7 राज्यों में करीब 3 करोड़ रुपए के सोने और हीरे के गहने चुराए थे। वे फर्जी नाम से ट्रेन में रिजर्वेशन करवाकर वारदात करते थे। शुक्रवार को उन्हें तमिलनाडु पुलिस को सौंप दिया गया। दोनों आरोपी नोटबंदी के समय से ऐसी चोरियां कर रहे थे।
7 राज्यों में कर चुके थे चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने राजस्थान समेत देश के 7 राज्यों में करीब 2 किलो सोना और हीरे के गहने चुराए थे। इनकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपए आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी नोटबंदी के समय से लगातार ट्रेनों में चोरी की वारदातें कर रहे थे। जोधपुर में भी करीब 10 साल पहले इसी तरह की चोरी हुई थी। आरोपी यात्रियों के बैगों में रखी ज्वेलरी चुराते थे। नोटबंदी से अब तक वे करीब 3 से 4 करोड़ रुपए का सोना और अन्य सामान चुरा चुके हैं। इनमें ज्यादातर बड़ी वारदातें दक्षिण भारत में हुई हैं।
फर्जी नाम से करवाते थे रिजर्वेशन
जोधपुर जीआरपी की टीम ने दोनों आरोपियों को तमिलनाडु पुलिस को सौंपा। इसके बाद कोर्ट में पेश कर उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ट्रेनों में फर्जी नाम से रिजर्वेशन करवाकर वारदात को अंजाम देते थे। इससे पुलिस को उनका पता लगाने में मुश्किल होती थी।
घटना के बाद से थे फरार
जीआरपी को तमिलनाडु के त्रिचापल्ली जिले के विरुधाचलम थाने से सूचना मिली थी कि आरोपी घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान अशोक कुमार (65) और रंजन कुमार, जो सुनील कुमार और विकास गुप्ता के नाम से भी जाना जाता है (47), के रूप में हुई है। दोनों बिहार के पटना जिले के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने बनाई थी स्पेशल टीम
ट्रेनों में यात्रियों का कीमती सामान और रुपए चोरी होने की घटनाओं के बाद जीआरपी ने एक स्पेशल टीम बनाई थी। यह टीम जीआरपी एसपी जोधपुर केवल राम और जीआरपी सीओ हरिराम सोनी के निर्देशन में बनी थी। टीम का नेतृत्व जीआरपी थानाधिकारी मुक्ता पारीक ने किया।
इस स्पेशल टीम ने आरोपियों को डिटेन कर तमिलनाडु जीआरपी को सूचना दी। इससे पहले तमिलनाडु जीआरपी की कई टीमें आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में घूम रही थीं।
तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल टीम के रेलवे पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश अपने साथ 8 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर बिहार से 3 सितंबर को जोधपुर पहुंचे। पूछताछ के बाद तमिलनाडु पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कई राज्यों में कर चुके वारदात
जीआरपी पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी जोधपुर, मारवाड़ जंक्शन और आबूरोड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, असम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी वारदातें कर चुके हैं। वे इन राज्यों से चलने वाली ट्रेनों में फर्जी नाम से अपनी गैंग का रिजर्वेशन करवाकर बड़ी चोरियों को अंजाम देते थे।
दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। इसके बाद तमिलनाडु जीआरपी की टीम दोनों को लेकर शुक्रवार रात तमिलनाडु रवाना हो गई। इस कार्रवाई में साइबर सेल एएसआई दीपेंद्र पाल सिंह, एएसआई हुकम सिंह, कॉन्स्टेबल मोहनलाल और खेमाराम भी शामिल रहे।
ये खबर भी पढे़:-
व्हीलचेयर पर बैठकर पढ़ाते हैं, अंदाज है फिल्मी हीरो जैसा, क्लास को बनाते हैं कूल
गांव के बच्चों को दिखाई अंतरिक्ष की राह: राजस्थान के शिक्षक दिव्येंदु सेन को राष्ट्रीय सम्मान
सीएम भजनलाल शर्मा आज भीलवाड़ा-उदयपुर दौरे पर, करेंगे रोड शो
निर्दलीय प्रत्याशियों की पहली पसंद बना सेब का सिंबल, जानें क्यों आया चर्चा में