जोधपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण केस: 8 आरोपियों को मिली अंतरिम जमानत

Jyoti Mahender Bhardwaj | Sept 18, 2026, 15:37 IST
जोधपुर हाईकोर्ट भवन केस में 8 आरोपियों को जमानत
राजस्थान के जोधपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण केस में 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत मिली। कोर्ट ने जमानत की शर्तें तय कीं। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

जोधपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण मामले में आठ आरोपियों को अंतरिम जमानत मिली है।


डिवीजन बेंच ने जमानत के लिए अलग-अलग शर्तें तय की हैं।


मामले में भवन निर्माण से जुड़ी कथित खामियों की जांच चल रही है।


आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया था।


अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी।



राजस्थान: जोधपुर हाईकोर्ट भवन के निर्माण में सामने आई कथित संरचनात्मक खामियों के मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत दे दी है। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की पीठ ने जमानत अर्जियों पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया।



यह मामला हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से 12 नवंबर 2024 को कुड़ी भगतासनी थाने में दर्ज FIR नंबर 0411/2024 से जुड़ा है। शुरुआत में IPC की धारा 420 और 488 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में इसमें धारा 409, 336, 120बी और 166ए भी जोड़ी गईं।



सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के 15 सितंबर 2026 के आदेश का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि इसी मामले में वरिंदर कुमार गर्ग को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली थी। इसी आधार पर अन्य आरोपियों को भी राहत देने की मांग की गई।



राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद और अन्य वकीलों ने अपना पक्ष रखा। राज्य ने कुछ मामलों में जवाब दाखिल करने और अन्य मामलों में जवाब व केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा।



इन 8 आरोपियों को मिली अंतरिम राहत

खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए इन 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत दी:



  1. राजेश चंद्र पुरोहित
  2. शिव हरे महौर
  3. अजित कुमार सांघी
  4. रामेश्वर दयाल खंडेलवाल
  5. गोपाल लाल खंडेलवाल
  6. अजय किशन मूथा
  7. नवीन चंद्र के. राय
  8. दीपक कुमार मित्तल

1 लाख का निजी बॉन्ड, 50-50 हजार के दो जमानती बॉन्ड

अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 1 लाख रुपये का निजी बॉन्ड और 50-50 हजार रुपये के दो जमानती बॉन्ड जमा कराने पर रिहा करने का निर्देश दिया।



यह अंतरिम राहत राज्य सरकार के जवाब और सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी के नतीजे पर निर्भर करेगी। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी।



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