जोधपुर जेल से हिस्ट्रीशीटर का कथित पार्टी वीडियो वायरल, सुरक्षा पर उठे सवाल

Jyoti Mahender Bhardwaj | Sept 16, 2026, 19:16 IST
जेल के अंदर वीडियो कैसे बना?
जोधपुर जेल से एक कथित वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कुछ बंदी पार्टी करते नजर आ रहे। इसमें हिस्ट्रीशीटर राहुल कछवाहा का नाम भी शामिल है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जोधपुर जेल से हिस्ट्रीशीटर की पार्टी का वीडियो वायरल।
  • हिस्ट्रीशीटर राहुल कछवाहा फिर चर्चा में आया।
  • जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा, उठ रहे सवाल।
  • वायरल वीडियो में दिखे तीन बंदी, जांच हुई शुरू।
  • गैंगवार के बाद अब वायरल वीडियो में नाम आया सामने।

नरेश रमेश @ जोधपुर. जोधपुर जेल से एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे। वीडियो में कुछ बंदी कथित तौर पर पार्टी करते नजर आ रहे। इनमें माता का थान थाने का हिस्ट्रीशीटर राहुल कछवाहा, वसीम खान और हाई सिक्योरिटी जेल से ट्रांसफर होकर आया बंदी इंसाफ उर्फ तापिया शामिल बताए जा रहे।



बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो करीब कुछ दिन पहले का है। हालांकि, वीडियो की वास्तविक तारीख और लोकेशन की पुष्टि नहीं हुई है।



जेल के अंदर वीडियो कैसे बना?

जोधपुर जेल का वायरल वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल जेल में मोबाइल फोन की पहुंच को लेकर है। अगर वीडियो वास्तव में जेल परिसर के अंदर बनाया गया है तो जांच में यह पता लगाना होगा कि बंदियों के पास मोबाइल फोन या रिकॉर्डिंग की सुविधा कैसे पहुंची।



इसके अलावा वीडियो किसने बनाया, किस मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया और इसे जेल से बाहर सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचाया गया, इन बिंदुओं की भी जांच जरूरी है।



गैंगवार के बाद चर्चा में आया था राहुल कछवाहा

राहुल कछवाहा का नाम हाल में सामने आए गैंगवार के मामले से भी जुड़ा बताया जा रहा। जानकारी के मुताबिक, राहुल कछवाहा और पवन सोलंकी के बीच गैंगवार की बात सामने आई थी। इसी घटनाक्रम के बाद राहुल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।



राहुल को माता का थान थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया जाता है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और फायरिंग समेत करीब 22 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।



राजपासा के तहत भी हुई थी कार्रवाई

राहुल कछवाहा के खिलाफ पहले राजपासा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी। बाद में राज्य सरकार की ओर से करीब 10 दिन में राजपासा निरस्त किए जाने के बाद उसकी रिहाई हुई थी। हाल ही में उसके जमानत पर बाहर आने की जानकारी भी सामने आई थी।



सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय होने का दावा

राहुल कछवाहा के सामाजिक गतिविधियों से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आती रही है। वह शूलपानी सेवा संस्थान का अध्यक्ष बताया जाता। संस्था की ओर से रक्तदान शिविर, भजन संध्या और अन्य सामाजिक कार्यक्रम में भी वो नजर आ चुका है। हालांकि, सामाजिक गतिविधियों से जुड़ाव और आपराधिक मामलों में नामजद होने को अलग-अलग विषय के तौर पर देखा जाना चाहिए।



जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

वायरल वीडियो ने जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। अब जांच में वीडियो की वास्तविक तारीख, स्थान और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की पुष्टि करना महत्वपूर्ण होगा।



फिलहाल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जेल प्रशासन और पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वीडियो वास्तव में जेल के अंदर रिकॉर्ड हुआ था या नहीं और अगर हुआ था तो मोबाइल फोन वहां तक कैसे पहुंचा।



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