जोधपुर नगर निगम चुनाव: चयन प्रक्रिया तेज, पर्यवेक्षक कर रहे वन-टू-वन संवाद
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस का तीन चरणों वाला पैनल चयन।
- 27 अगस्त को प्रदेश कांग्रेस को भेजा जाएगा पार्टी उम्मीदवारों का पैनल।
- पर्यवेक्षकों ने वार्डों में जाकर कार्यकर्ताओं से ली राय, अब दावेदारों से बातचीत।
- जिताऊ और टिकाऊ को मौका, कार्यकर्ताओं को नहीं करेंगे वंचित।
- महापौर पद पर कांग्रेस का लक्ष्य, पृष्ठभूमि और जीत क्षमता पर होगी नजर।
राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर जोधपुर में कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जोधपुर नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन हेतु तीन चरण की विशेष प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पहले चरण में पर्यवेक्षकों ने वार्ड स्तर पर जाकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की, जबकि दूसरे चरण में ब्लॉक अध्यक्षों और शहर जिला कार्यालय के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन प्राप्त किए गए।
तीसरे चरण में वन-टू-वन संवाद और फिजिकल वेरिफिकेशन
अब तीसरे चरण में पर्यवेक्षक दावेदारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके जीत के समीकरणों, सामाजिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक अनुभव की जानकारी ले रहे हैं।
सरदारपुरा विधानसभा के वार्डों के दावेदारों से विधानसभा पर्यवेक्षक मोहन सिंह ने संवाद कर आवेदन लिए। इसके बाद जोधपुर शहर विधानसभा के पर्यवेक्षक मनोज चौधरी और सूरसागर विधानसभा के पर्यवेक्षक हरीनारायण चौधरी अपने-अपने क्षेत्रों के दावेदारों से मुलाकात कर फीडबैक जुटा रहे हैं।
पर्यवेक्षकों के अनुसार, 24, 25 और 26 अगस्त को तय प्रवास कार्यक्रम के तहत सभी प्राप्त आवेदनों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इसमें यह विशेष रूप से देखा जा रहा है कि दावेदार ने पार्टी के लिए पूर्व में क्या कार्य किए हैं, संगठन में उसकी क्या भूमिका रही है तथा नए या अन्य दलों से आए चेहरों का बैकग्राउंड कैसा है।
जिताऊ और टिकाऊ कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता
पार्टी नेताओं का कहना है कि नगर निगम चुनाव पूरी तरह कार्यकर्ताओं का चुनाव है, इसलिए किसी भी सक्रिय और निष्ठावान कार्यकर्ता को इस प्रक्रिया से वंचित नहीं रखा जाएगा। पार्टी का मुख्य ध्येय ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारना है जो जिताऊ भी हो और टिकाऊ भी।
नगर निगम में कांग्रेस का महापौर बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संभावित प्रत्याशियों की सामाजिक पकड़ और जीत की क्षमता को प्राथमिकता दी जा रही है।
वरिष्ठ नेताओं की सहमति से बनेगा 3-3 नामों का पैनल
दावेदारों से संवाद के साथ-साथ जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, लोकसभा व विधानसभा के पूर्व/वर्तमान प्रत्याशियों तथा क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं से गहन चर्चा की जाएगी।
तमाम फीडबैक के आधार पर प्रत्येक वार्ड से तीन-तीन संभावित प्रत्याशियों का एक पैनल तैयार किया जाएगा। यह पूरी रिपोर्ट और पैनल 27 अगस्त तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद पीसीसी स्तर से ही अंतिम उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी की जाएगी।
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