जोधपुर नगर निगम का 21 लाख का टेंडर निरस्त, जांच के बाद आयुक्त राहुल जैन ने लिया फैसला

Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 12, 2026, 16:15 IST
टेंडर में गड़बड़ी, जांच के बाद कार्रवाई
जोधपुर नगर निगम ने फॉगिंग और प्रचार वाहन से जुड़े 21 लाख रुपये के टेंडर को निरस्त कर दिया है, टेंडर की समय-सीमा और अनुभव संबंधी शर्तों को लेकर अनियमितताओं के आरोप उठे थे, आयुक्त राहुल जैन ने मामले की जांच के बाद टेंडर रद्द किया, नया टेंडर ऑनलाइन जारी करने की बात कही गई है

@नरेश रमेश



जोधपुर नगर निगम ने फॉगिंग और प्रचार-प्रसार वाहनों से जुड़े 21 लाख रुपये के टेंडर को निरस्त कर दिया। टेंडर प्रक्रिया की समय-सीमा और अनुभव संबंधी शर्तों को लेकर सवाल उठाए गए थे। 'द सूत्र’ की रिपोर्ट में इन कथित गड़बड़ियों को सामने लाया गया था। इसके बाद नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने जांच के निर्देश दिए थे। जांच में टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद इसे रद्द करने का फैसला लिया गया।



छुट्टियों के बीच जारी हुआ था टेंडर

जोधपुर नगर निगम (Jodhpur Municipal Corporation) ने फॉगिंग और प्रचार-प्रसार वाहनों के लिए 21 लाख रुपये का टेंडर जारी किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, टेंडर एक अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया गया था। इसके बाद 2 अक्टूबर को गांधी जयंती, 3 अक्टूबर को शनिवार और 4 अक्टूबर को रविवार होने के कारण लगातार तीन दिन छुट्टी रही।



टेंडर जमा करने की अंतिम समय-सीमा 5 अक्टूबर सुबह 10 बजे रखी गई थी। ऐसे में दूसरे ठेकेदारों को जरूरी दस्तावेज, ईएमडी और बैंक गारंटी तैयार करने के लिए बहुत कम समय मिलने पर सवाल उठे थे।



अनुभव की शर्त पर भी उठे सवाल

फॉगिंग और प्रचार वाहनों के टेंडर में एक शर्त रखी गई थी। इसके तहत साल 2022 से 2024 के बीच काम करने का अनुभव जरूरी बताया गया था। आरोप है कि इस शर्त के कारण कुछ ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते थे। टेंडर में साल 2022 से 2024 के बीच का अनुभव ही मान्य किया गया था। साल 2025 का नया अनुभव और 2021 या उससे पहले का अनुभव स्वीकार नहीं किया गया। आरोप है कि यह शर्त किसी खास फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए रखी गई थी।



आयुक्त के निर्देश के बाद टेंडर रद्द

शुरुआत में जहां टेंडर इंचार्ज मनोज बैरवा नियमों के पालन की बात कहकर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे थे, वहीं ‘द सूत्र’ ने टेंडर में गड़बड़ी सामने लाने के बाद जोधपुर नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने मामले की गंभीरता को समझा।



आयुक्त राहुल जैन ने सूत्र की खबर का संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान टेंडर प्रक्रिया की डेडलाइन और शर्तों में पाई गई कमियों व नियमों के उल्लंघन को सही पाया गया। इसके बाद आयुक्त ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए 21 लाख रुपये के इस पूरे टेंडर (Tender Cancelled) को ही निरस्त कर दिया।



नए टेंडर पर रहेगी नजर

टेंडर निरस्त होने के बाद अब नए सिरे से प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। नई निविदा में शर्तें क्या होंगी और ठेकेदारों को आवेदन के लिए कितना समय मिलेगा, इस पर नजर रहेगी। इस मामले में आगे की स्थिति नए टेंडर और नगर निगम की ओर से जारी आधिकारिक दस्तावेजों से स्पष्ट होगी।



FAQs



  1. जोधपुर नगर निगम ने फॉगिंग और प्रचार वाहनों के लिए 21 लाख रुपये का टेंडर क्यों रद्द किया?
    नगर निगम ने फॉगिंग और प्रचार वाहनों के लिए 21 लाख रुपये का टेंडर इसलिए रद्द किया क्योंकि टेंडर प्रक्रिया में अनुभव संबंधी शर्तों और समय-सीमा के संदर्भ में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे।
  2. टेंडर में अनुभव संबंधी शर्तों पर क्या सवाल उठाए गए थे?
    टेंडर में एक शर्त के तहत साल 2022 से 2024 के बीच का काम करने का अनुभव जरूरी बताया गया था, जिससे कुछ ठेकेदार टेंडर में भाग नहीं ले पाए। आरोप है कि यह शर्त किसी विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए रखी गई थी।
  3. नए टेंडर की प्रक्रिया कब शुरू होगी और इसमें क्या बदलाव हो सकते हैं?
    टेंडर रद्द होने के बाद अब नए सिरे से प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। नए टेंडर की शर्तें और ठेकेदारों को आवेदन करने के लिए मिलने वाला समय अभी स्पष्ट नहीं है।
Tags:
  • जोधपुर नगर निगम टेंडर
  • 21 लाख का टेंडर रद्द
  • फॉगिंग वाहन टेंडर
  • राहुल जैन नगर निगम
  • टेंडर अनियमितता मामला
  • जोधपुर नगर निगम खबर
  • राजस्थान न्यूज
  • Jodhpur Tender Cancelled
  • Jodhpur Municipal Corporation
  • जोधपुर नगर निगम