जोधपुर में भाजपा का महापौर, सात निर्दलीय पार्षद हुए बीजेपी में शामिल
समझें क्या है पूरा मामला
जोधपुर नगर निगम के सात निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल।
यह घटनाक्रम भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी की रणनीति का नतीजा।
वार्ड 76 की निर्मला नायक भी इन सात पार्षदों में शामिल हैं।
इस मौके पर कई वरिष्ठ भाजपा नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद।
रमेश नरेश @ जोधपुर
जोधपुर नगर निगम में भाजपा को मजबूत स्थिति में लाने की दिशा में प्रदेश महामंत्री एवं संभाग प्रभारी भूपेंद्र सैनी ने बड़ा राजनीतिक प्रबंधन करते हुए सात निर्दलीय पार्षदों को भाजपा से जोड़ लिया है। सैनी के नेतृत्व में हुए इस घटनाक्रम से नगर निगम में भाजपा के बोर्ड गठन की राह और मजबूत हो गई है।
सात निर्दलीय पार्षदों ने ली भाजपा की सदस्यता
भूपेंद्र सैनी की रणनीति का असर उस समय साफ दिखा, जब सात निर्दलीय पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सैनी ने संगठन और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के बीच समन्वय बनाते हुए इन पार्षदों को भाजपा के साथ लाने में अहम भूमिका निभाई। भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों में वार्ड 5 से विशाल सांखला, वार्ड 19 से दिनेश शर्मा, वार्ड 20 से चेतन गहलोत, वार्ड 47 से मोहन राम चौधरी, वार्ड 48 से दुर्गा मेवाड़ा, वार्ड 76 से निर्मला नायक और वार्ड 81 से स्वरूप सिंह शामिल हैं।
बोर्ड गठन की राह हुई आसान
जोधपुर नगर निगम चुनाव के बाद बोर्ड गठन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला बना हुआ था। ऐसे समय में सात निर्दलीय पार्षदों का भाजपा के साथ आना एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हाल में हुए पुनर्मतदान के बाद भी भाजपा की स्थिति में बदलाव देखने को मिला था। इन चुनौतीपूर्ण राजनीतिक समीकरणों के बीच भूपेंद्र सैनी ने संगठनात्मक रणनीति, संवाद और राजनीतिक समन्वय के जरिए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई। सात निर्दलीयों का भाजपा के साथ आना सैनी की सक्रियता और राजनीतिक प्रबंधन का बड़ा नतीजा माना जा रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई वरिष्ठ नेता
इस मौके पर राज्य मंत्री ओमकार सिंह लखावत, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, जोधपुर नगर निगम चुनाव प्रभारी एवं पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल तथा सह प्रभारी एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किशोर सिंह भी मौजूद रहे। जोधपुर नगर निगम में भाजपा के लिए यह घटनाक्रम भूपेंद्र सैनी की संगठनात्मक रणनीति और राजनीतिक प्रबंधन की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
ये भी पढे़:-
उपभोक्ता विवाद: मोतियाबिंद ऑपरेशन में नेग्लिजेंस, अब 6 लाख का मुआवजा देने का आदेश
राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव: OBC आरक्षण पर सरकार बोली- 50% सीमा में दिए गए पद
जयपुर डिजिटल अरेस्ट केस में तीसरा आरोपी गिरफ्तार, बुजुर्ग दंपती से ठगे थे 76 लाख
बीड़ पापड़ वन भूमि पर RIICO का कब्जा अवैध, NGT ने दिए 30 दिन में वापसी के आदेश