जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026: महापौर प्रत्याशी नामांकन पर 'आपत्ति वॉर'!
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर नगर निगम चुनाव में सियासी भूचाल।
- BJP मेयर प्रत्याशी पर हलफनामे में झोल का आरोप।
- प्रसन्नचंद मेहता ने जेवर-बुलियन का वजन छुपाया।
- कांग्रेस ने निर्वाचन अधिकारी को सौंपी शिकायत।
- शिकायत के साथ कांग्रेस ने नामांकन रद्द करने की मांग की।
नरेश रमेश @ जोधपुर
जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026 में महापौर पद के घमासान के बीच एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। 21 सितंबर 2026 को नामांकन पत्रों की संवीक्षा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC), दोनों ही प्रमुख दलों ने एक-दूसरे के महापौर प्रत्याशियों के खिलाफ तथ्य छुपाने की गंभीर शिकायतें दर्ज कराकर नामांकन निरस्त करने की मांग की है।
कांग्रेस का दांव: BJP प्रत्याशी प्रसन्न चंद मेहता पर जेवरात का विवरण छुपाने का आरोप
कांग्रेस विधि विभाग के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार जोशी ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी की तरफ से निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सौंपी है।
गहनों के ब्योरे में झोल: शिकायत में सीधा आरोप लगाया गया है कि BJP के महापौर प्रत्याशी प्रसन्न चंद मेहता ने अपने हलफनामे (उपाबंध 1) के भाग 'अ' (VII) में चल संपत्ति दर्ज करते समय बड़ा तथ्य छुपाया है।
वजन और ब्योरा गायब: प्रत्याशी ने अपने व पत्नी के पास मौजूद जेवरात, बुलियन और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की कुल कीमत तो दर्ज की है, लेकिन उनका सटीक वजन (ग्राम/किलोग्राम) और विवरण दर्ज नहीं किया।
नामांकन निरस्त करने की मांग: कांग्रेस का दावा है कि हलफनामे में गहनों का ब्योरा व वजन न देना निर्वाचन नियमों का सीधा उल्लंघन है, अतः प्रसन्न चंद मेहता का नाम-निर्देशन पत्र तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।
BJP का पलटवार: कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी पर आपराधिक केस छुपाने का आरोप
दूसरी ओर, BJP प्रत्याशी के प्रस्तावक व वार्ड संख्या 80 के निर्वाचित पार्षद चैनसिंह इन्दा ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी के खिलाफ विस्तृत विधिक आपत्ति दर्ज कराई है।
आपराधिक मुकदमों का लोप: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजेंद्र सिंह सोलंकी ने अपने शपथ पत्र व घोषणा पत्र में विचाराधीन आपराधिक मुकदमों की सूचना के स्थान पर "लागू नहीं" लिखा है, जो कि सरासर मिथ्या और असत्य घोषणा है।
JDA अध्यक्ष काल के ACB मामले: शिकायत के अनुसार, जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के तत्कालीन अध्यक्ष रहे सोलंकी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज 4 गंभीर एफआईआर (FIR No. 108/2016, 109/2016, 110/2016 और 111/2016) दर्ज हैं। इन मामलों में IPC की धारा 409, 420, 467, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धाराएं शामिल हैं।
अदालती प्रसंज्ञान: विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संख्या-1, जोधपुर) द्वारा 18-12-2020 को इन मामलों में सोलंकी के विरुद्ध प्रसंज्ञान (Cognizance) लिया जा चुका है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला: शिकायत में उच्चतम न्यायालय के लैंडमार्क फैसलों (पूनम बनाम दूलेसिंह - 2025 INSC 1284 एवं मीनाक्षी नटराजन बनाम भारत निर्वाचन आयोग - 12-06-2026) का हवाला देते हुए तर्क दिया गया है कि आपराधिक मुकदमों के तथ्यों को छुपाना नामांकन पत्र खारिज करने का पर्याप्त और कानूनी आधार है।
विरोधाभास: गहनों का 'वजन' बनाम 'भ्रष्टाचार के मुकदमे'
कांग्रेस की आपत्ति
प्रसन्न चंद मेहता (BJP) जेवर/बुलियन का मूल्य लिखा, लेकिन वजन व विस्तृत विवरण छुपाया। | निर्वाचन नियमों के तहत शपथ पत्र के प्रारूप का उल्लंघन। |
BJP की आपत्ति
राजेंद्र सिंह सोलंकी (Congress) ACB की 4 FIR व विशेष कोर्ट द्वारा लिए गए प्रसंज्ञान आदेशों को "लागू नहीं" बताकर छुपाया। सुप्रीम कोर्ट की नज़ीर (पूनम बनाम दूलेसिंह व मीनाक्षी नटराजन) के तहत तथ्य लोप।
जोधपुर की राजनीति में अब दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी कानूनी शिकंजे में फंसते दिख रहे हैं। एक तरफ जहां BJP प्रत्याशी पर संपत्ति का विवरण अधूरा छोड़ने का तकनीकी पेंच है, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पर आपराधिक मुकदमों को छुपाने का संगीन कानूनी आरोप है। अब पूरा दारोमदार रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की जांच और फैसले पर टिका है।
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