जोधपुर में पेंशन के नाम पर 15 लाख की ठगी, बुजुर्ग के फोन में ऐप इंस्टॉल करवाकर खाते से निकाले रुपए
राजस्थान के जोधपुर में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पेंशन चालू रखने के लिए जीवित प्रमाण पत्र बनवाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 81 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से 15 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए। ठगों ने बुजुर्ग के मोबाइल में एनीडेस्क (AnyDesk) ऐप इंस्टॉल करवाया और फोन का एक्सेस हासिल कर लिया। ठगी का पता चलने पर पीड़ित पड़ोसियों के साथ थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।
पेंशन बंद होने का डर दिखाकर किया फोन
देवनगर थाना अधिकारी कमल किशोर सुथार के अनुसार, पांच सेक्टर, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी हरीश कुमार (81) ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीड़ित बिजली विभाग से रिटायर्ड हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ठगों ने फोन कर उन्हें बताया कि पेंशन चालू रखने के लिए जीवित प्रमाण पत्र बनवाना जरूरी है। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें अपने बताए तरीके से मोबाइल पर प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा।
एनीडेस्क ऐप डाउनलोड करवाकर लिया फोन का एक्सेस
बुजुर्ग ने ठगों की बात पर भरोसा कर उनके कहने पर मोबाइल में एनीडेस्क ऐप डाउनलोड कर लिया। इस ऐप के जरिए ठगों ने उनके फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद बैंक खाते से 15 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए गए।
ठगी का पता चला तो पड़ोसियों के साथ पहुंचे थाने
खाते से बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने पर बुजुर्ग को ठगी का पता चला। इसके बाद वे पड़ोसियों को साथ लेकर देवनगर थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने साइबर ठगी से बचने की दी सलाह
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और ओटीपी साझा करने से भी बचें। पेंशन या बैंक से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित विभाग या बैंक के आधिकारिक माध्यम से ही करें।
आगे क्या?
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित को जल्द से जल्द बैंक और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए, ताकि रकम रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सके।