जोधपुर में महिला व्याख्याता के साथ अभद्रता के मामले में शिक्षक को निलंबित किया गया
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर जिले में महिला टीचर की शिकायत पर व्याख्याता सस्पेंड किया गया।
- शिकायत समिति की जांच में मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।
- शिक्षक पर जबरदस्ती नजदीकी बढ़ाने और अकेले मिलने का प्रयास करने के आरोप लगे।
- निलंबन के दौरान शिक्षक को बारां में उपस्थिति देनी होगी।
- शिक्षा विभाग ने शिक्षक के आचरण को घोर दुराचरण की श्रेणी में माना।
जोधपुर जिले के एक स्कूल में महिला व्याख्याता के साथ अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से परेशान करने के मामले में एक पुरुष व्याख्याता को निलंबित किया गया है। महिला शिक्षक की शिकायत के बाद कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न संबंधी आंतरिक शिकायत समिति ने मामले की जांच की। जांच में शिकायत और कक्षा 10 की छात्राओं के बयानों के आधार पर आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश के बाद शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय बारां रहेगा।
महिला शिक्षक ने की थी शिकायत
मामला जोधपुर जिले के एक स्कूल से जुड़ा है। महिला व्याख्याता ने साथी शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में शिक्षक पर जबरदस्ती नजदीकी बढ़ाने, महिला शिक्षक से अकेले मिलने का प्रयास करने और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न संबंधी आंतरिक शिकायत समिति को सौंपी गई।
छात्राओं के बयान भी लिए गए
जांच के दौरान महिला व्याख्याता की शिकायत के साथ कक्षा 10 की छात्राओं के बयान भी लिए गए। समिति की जांच में उपलब्ध शिकायत और बयानों के आधार पर महिला व्याख्याता को मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। इसके बाद मामले की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी गई और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई।
शिक्षा निदेशालय ने किया सस्पेंड
माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजस्थान, बीकानेर की ओर से शिक्षक के निलंबन का आदेश जारी किया गया। आदेश में शिक्षक के आचरण को शिक्षक की गरिमा के विपरीत बताते हुए इसे घोर दुराचरण की श्रेणी में माना गया है। राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1) के तहत शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन के दौरान बारां रहेगा मुख्यालय
निलंबन के बाद शिक्षक का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक-बारां कार्यालय रहेगा। उसे निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा। शिक्षक को निर्धारित नियमों के अनुसार बारां में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
आगे की कार्रवाई के लिए सीबीईओ कार्यालय को सूचना
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक प्रतिभा सिंह ने बताया कि निदेशालय से शिक्षक को सस्पेंड करने का आदेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि आगे की कार्रवाई के लिए आदेश की सूचना मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी यानी सीबीईओ कार्यालय को दे दी गई है। अब विभागीय स्तर पर निलंबन आदेश के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
यह खबर क्यों जरूरी है:
कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित माहौल बनाए रखना जरूरी है। इस मामले में शिकायत के बाद आंतरिक शिकायत समिति ने जांच की और रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है। अब आगे की विभागीय प्रक्रिया में मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों पर निर्णय लिया जाएगा।