जयपुर में PAC की बैठक: केसी वेणुगोपाल ने उठाया SC/ST स्कॉलरशिप का मुद्दा
समझें क्या है पूरा मामला
- पीएसी बैठक में वेणुगोपाल ने उठाए तीन मुद्दे।
- राजस्थान में SC/ST स्कॉलरशिप 89 महीने लेट।
- आयुष्मान भारत में खामियां, MSME को कर्ज नहीं।
- केसी वेणुगोपाल ने सरकार को घेरा।
- पब्लिक अकाउंट्स कमेटी ने की समीक्षा।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पीएसी बैठक में राजस्थान से जुड़े तीन मुद्दे उठाए। आयुष्मान भारत योजना में खामियां, MSME को बैंक कर्ज न मिलना और SC/ST छात्रों की स्कॉलरशिप में 89 महीने की देरी का आरोप लगाया।
पीएसी की बैठक में राजस्थान के मुद्दे उठे। अध्यक्ष केसी वेणुगोपाल ने तीन खामियां गिनाईं। आयुष्मान भारत में गड़बड़ी है। MSME को कर्ज नहीं मिल रहा। SC/ST छात्रों की स्कॉलरशिप 89 महीने लेट है।
पीएसी बैठक में तीन मुद्दे उठे
संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC – Public Accounts Committee) की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने की। एजेंडा में केंद्र प्रायोजित कल्याण योजनाओं की समीक्षा थी।
इस बैठक में राजस्थान से जुड़े तीन अहम विषयों पर चर्चा हुई। पहला आयुष्मान भारत योजना का था। दूसरा MSME को बैंक लोन का था। तीसरा SC/ST छात्रों की स्कॉलरशिप का था।
वेणुगोपाल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में कई खामियां हैं। योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो रहा। दूसरा मुद्दा बैंकों का है। छोटे MSME को प्राथमिकता से कर्ज नहीं मिल रहा।
तीसरा और सबसे अहम मुद्दा SC/ST स्कॉलरशिप का था। वेणुगोपाल ने कहा कि स्कॉलरशिप पूरी तरह से देरी से चल रही है। यह 89 महीने तक लेट है। यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है।
SC/ST स्कॉलरशिप में देरी क्यों?
राजस्थान में SC/ST छात्रों के लिए अलग स्कॉलरशिप पोर्टल है। इस पोर्टल पर आवेदन, मंजूरी और भुगतान की जानकारी मिलती है। प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप भी इसी में आती है।
लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। कई छात्रों को समय पर पैसा नहीं मिलता। वेरिफिकेशन में महीनों लग जाते हैं। राज्य और केंद्र के बीच तालमेल की कमी भी कारण है।
संसदीय समिति पहले भी इस पर चिंता जता चुकी है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि स्कॉलरशिप उसी साल मिलनी चाहिए। लेकिन भुगतान अगले साल तक खिंच जाता है।
वेणुगोपाल ने इसी देरी को PAC में उठाया। उन्होंने कहा कि 89 महीने की देरी बहुत बड़ी है। इससे गरीब छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
आयुष्मान भारत में खामियां
PAC ने आयुष्मान भारत योजना की भी समीक्षा की। वेणुगोपाल ने कहा कि योजना में कई कमियां मिलीं। अस्पतालों में सुविधाएं पूरी नहीं हैं। क्लेम में देरी होती है।
राजस्थान में इस योजना से लाखों परिवार जुड़े हैं। यदि भुगतान समय पर नहीं होगा तो अस्पताल मरीज नहीं लेंगे। गरीब लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।
समिति ने इस पर सरकार से जवाब मांगा है। ऑडिट रिपोर्ट में भी कई गड़बड़ियां मिली हैं। पीएसी अब इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
MSME को कर्ज नहीं मिल रहा
दूसरा मुद्दा MSME सेक्टर का था। राजस्थान में छोटे उद्योगों की संख्या बहुत ज्यादा है। राज उद्योग मित्रा प्लेटफॉर्म से इन्हें जोड़ा गया है।
लेकिन बैंकों की प्राथमिकता में MSME नहीं है। वेणुगोपाल ने कहा कि MSME को अधिकतम प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बैंकों का कर्ज वितरण लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा।
छोटे उद्यमियों को कर्ज न मिलने से रोजगार पर असर पड़ता है। सरकार की योजना कागज पर रह जाती है। PAC ने इस पर बैंकों से डेटा मांगा है।
पीएसी क्या करती है?
PAC संसद की अहम वित्तीय समिति है। यह सरकार के खर्चों की जांच करती है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG – Comptroller and Auditor General) की रिपोर्ट देखती है।
यह देखती है कि सरकारी पैसा सही जगह लगा या नहीं। समिति का कार्यकाल एक साल का होता है। लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य इसमें होते हैं।
आमतौर पर विपक्ष के वरिष्ठ नेता इसके अध्यक्ष होते हैं। पहले अधीर रंजन चौधरी अध्यक्ष थे। अब केसी वेणुगोपाल अध्यक्ष हैं।
हाल ही में PAC ने रक्षा मंत्रालय के पेंशन और सैलरी में देरी का मामला भी उठाया था। सैन्य अस्पतालों की हालत पर भी सवाल उठाए थे।
छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया
SC ST छात्रों के संगठन लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उनका कहना है कि स्कॉलरशिप न मिलने से ड्रॉपआउट बढ़ता है। कई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं।
संसदीय समिति ने भी माना है कि बजट का उपयोग कम हो रहा है। 2023-24 में 47 करोड़ के बजट में केवल 7.76 करोड़ खर्च हुआ। यह केवल 16.5 प्रतिशत है।
समिति ने आय सीमा पर भी सवाल उठाया है। 8 लाख की सीमा से कई छात्र वंचित रह जाते हैं। सरकार को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए।
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