दूसरी शादी के लिए तलाक का दबाव, पत्नी ने किया केस तो खाप पंचायत ने किया जात बाहर
समझें क्या है पूरा मामला
- बिजनेसमैन ने दूसरी शादी के लिए पत्नी पर तलाक का डाला दबाव।
- जब पत्नी ने केस किया तो खाप पंचायत ने किया जात बाहर।
- पीड़ित के परिवार पर लगाया 4 लाख जुर्माना, शादी-मौत में नो एंट्री।
- खाप ने कहा हमारा फैसला ही कोर्ट, अब पति समेत 22 के खिलाफ FIR।
- कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर, पुलिस जांच में जुटी।
पाली जिले के चंडावल थाना क्षेत्र में एक बिजनेसमैन ने दूसरी शादी के लिए पत्नी पर तलाक का दबाव डाला। मारपीट कर घर से निकाल दिया। पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंसा का केस कर दिया।
इस पर खाप पंचायत ने पीड़िता और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर 4 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया। पंचायत ने शादी-समारोह और मौत के कार्यक्रमों में भी आने-जाने पर पाबंदी लगा दी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पति समेत 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
तीन बैठकों का ड्रामा और सिक्योरिटी मनी के नाम पर वसूली
अदालत द्वारा नोटिस जारी होने के बाद समाज के कथित पंचों ने मामले को अपने स्तर पर रफा-दफा करने का प्रयास किया:
पहली बैठक (11 अप्रैल 2026): देवली कलां की हथाई पर बुलाई गई बैठक में 50 हजार की सिक्योरिटी राशि मांगी गई। हालांकि, कुछ पंचों ने मामला कोर्ट में होने के कारण हस्तक्षेप से मना किया।
दूसरी बैठक (13 अप्रैल 2026): दोबारा बैठक बुलाई गई और इस बार 1 लाख की सिक्योरिटी राशि मांगी गई। यहां पंच दो धड़ों में बंट गए, जिसके बाद मामला नौ खेड़ा पंचायत में ले जाने का निर्णय लिया गया।
तीसरी बैठक (18 अप्रैल 2026): चंडावल के एक गार्डन में नौ खेड़ा की पंचायत बुलाई गई, जहां पीड़ित पक्ष से 2.50 लाख रुपए की सिक्योरिटी राशि मांगी गई।
हमारा फरमान ही कोर्ट है... जूतों के पास बैठाकर की बदसलूकी
एफआईआर के अनुसार, 18 अप्रैल को तीसरी बैठक बुलाई गई। इस बैठा के दौरान खाप पंचायत में पीड़ित महिला के पिता को जाजम (बैठक स्थल) से उठाकर जूतों के पास बैठा दिया गया।
महिला के चरित्र पर सवाल उठाए गए और उसका मोबाइल छीनकर निजी जिंदगी को लेकर अपमानजनक सवाल पूछे गए।
जब पीड़ित परिवार ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है और जो फैसला कोर्ट देगा वे उसे ही मानेंगे, तो पंच भड़क गए और कहा- हम कोर्ट-कचहरी को नहीं मानते, हमारा फरमान ही कोर्ट है।
समाज से निष्कासित कर लगाया 4 लाख का जुर्माना
केस वापस लेने से साफ इनकार करने पर खाप पंचों ने महिला और उसके पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार (हुक्का-पानी बंद) कर दिया। सामाजिक बहिष्कार के साथ 4 लाख रुपए का आर्थिक जुर्माना भी ठोक दिया।
इतना ही नहीं, जब तक केस वापस नहीं लिया जाता, तब तक किसी भी रिश्तेदार की शादी-ब्याह या मृत्यु के शोक सभा में परिवार के शामिल होने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई।
कोर्ट के आदेश पर 22 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर
पीड़ित परिवार ने जब इस तुगलकी फरमान के खिलाफ अदालत की शरण ली, तो कोर्ट के सख्त रुख के बाद पाली जिले के चंडावल पुलिस थाने में आरोपी पति राजेन्द्र, उसके परिजनों और खाप पंचायत में शामिल विभिन्न गांवों के 22 नामजद पंच-पटेलों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है।
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