खाटूश्यामजी मेले से रींगस स्टेशन को रिकॉर्ड राजस्व, दो दिन में 2 लाख भक्त
समझें क्या है पूरा मामला
- खाटूश्यामजी मेले से रींगस स्टेशन को रिकॉर्ड कमाई।
- दो दिन में 2 लाख भक्तों ने की रेल यात्रा।
- रेलवे को मिला 1.50 करोड़ रुपए से ज्यादा राजस्व।
- रींगस बना राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा राजस्व स्टेशन।
- मेले में अतिरिक्त ट्रेनें और सुरक्षा के किए गए इंतजाम।
खाटूश्यामजी में देवशयनी एकादशी पर दो दिवसीय मेला लगा। यह मेला रींगस रेलवे स्टेशन के लिए वरदान साबित हुआ। दो दिनों में 2 लाख से अधिक भक्तों ने रेल यात्रा की। रेलवे को डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला। रींगस अब राजस्व में प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा स्टेशन बन गया है।
रींगस स्टेशन को रिकॉर्ड राजस्व
खाटूश्यामजी में देवशयनी एकादशी पर शनिवार-रविवार को दो दिवसीय मेला आयोजित हुआ। यह मेला रींगस रेलवे स्टेशन के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। स्टेशन पर श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली।
रींगस रेलवे स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल बाजिया ने इसकी जानकारी दी। उनके अनुसार मेले के दो दिनों में लगभग 2 लाख से अधिक श्याम भक्तों ने रेल यात्रा की। इस दौरान रेलवे को 1 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक का राजस्व मिला।
यह आंकड़ा अपने आप में एक रिकॉर्ड है। लगातार बढ़ते राजस्व के चलते रींगस रेलवे जंक्शन बड़ी उपलब्धि तक पहुंच गया है। यह अब राजस्व आय में पूरे प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा स्टेशन बन चुका है।
अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गईं
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए। अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गईं और मौजूदा ट्रेनों में स्पेशल बोगियां जोड़ी गईं। इससे यात्रियों को राहत मिली।
सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। जीआरपी चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि एकादशी से रविवार तक रेल यात्रियों की भारी भीड़ रही। इसे देखते हुए जीआरपी के सभी जवानों ने 24 घंटे अपनी सेवाएं दीं।
इस पूरी व्यवस्था का मकसद एक ही था। श्याम भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। यात्रा से लेकर स्टेशन तक हर जगह निगरानी बनी रही।
आकर्षक ढंग से सजा मंदिर
देवशयनी एकादशी पर लाखों श्याम भक्त खाटूश्यामजी पहुंचे। मंदिर को इस मौके पर फूलों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। दर्शन के लिए भक्तों की लंबी लाइन देखने को मिली।
सुरक्षा के लिए मंदिर समिति ने अपने गार्ड्स भी तैनात किए हुए थे। भक्तों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। भक्त कतार में खड़े होकर लगातार बाबा श्याम के जयकारे लगाते रहे।
गर्मी और उमस के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई भक्त घंटों लाइन में खड़े रहकर दर्शन का इंतजार करते रहे। श्रद्धा के आगे मौसम की परेशानी भी छोटी पड़ गई।
रींगस स्टेशन पर भक्तों की भीड़
ट्रेन से आने वाले श्याम भक्त सीधे रींगस रेलवे स्टेशन पर उतरे। यहां से खाटूश्यामजी मंदिर करीब 17 किलोमीटर दूर है। कुछ भक्तों ने यह दूरी पैदल तय की, तो कुछ ने जीप और ऑटो का सहारा लिया।
रींगस रेलवे स्टेशन पर चारों तरफ सिर्फ श्याम भक्त ही नजर आ रहे थे। पूरा स्टेशन परिसर बाबा श्याम के जयकारों से गूंज रहा था। यह नजारा दो दिनों तक लगातार बना रहा।
FAQ
- रींगस रेलवे स्टेशन को कितना राजस्व मिला?
मेले के दो दिनों में रींगस स्टेशन को 1 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक का राजस्व मिला। यह स्टेशन के लिए एक रिकॉर्ड है। - रींगस रेलवे स्टेशन पर दो दिन में कितने भक्तों ने रेल यात्रा की?
स्टेशन अधीक्षक के अनुसार लगभग 2 लाख से अधिक श्याम भक्तों ने रेल यात्रा की। इससे स्टेशन पर भारी भीड़ रही। - रींगस रेलवे स्टेशन पर भीड़ संभालने के लिए क्या किया?
रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाईं और स्पेशल बोगियां जोड़ीं। साथ ही जीआरपी जवानों ने 24 घंटे सुरक्षा सेवाएं दीं।
ये खबर भी पढे़:-
प्रसूताओं को नहीं लाना होगा रिप्लेसमेंट डोनर, ब्लड कॉम्पोनेंट भी फ्री मिलेंगे
फिर गरमाया रीट 2021 पेपर लीक का मुद्दा, किरोड़ी लाल मीणा ने लिखा अमित शाह को पत्र
सलमान खान की फिल्म को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, हिरण शिकार से जुड़ा है मामला
पाकिस्तान में एक्टिव हुई बीकानेर की सिम, एटीएस ने घर पर दबिश देकर युवक को दबोचा