खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की कांग्रेस में घर वापसी, क्षेत्र का बदलेगा सियासी गणित
दो पूर्व विधायकों की कांग्रेस में वापसी
करौली के पूर्व सांसद खिलाड़ी लाल बैरवा और जयपुर जिले की विराटनगर सीट से पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना की वापसी हुई। दोनों नेता 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज होकर कांग्रेस से अलग हुए थे। बैरवा ने बसेड़ी से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जबकि सराधना ने विराटनगर से आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
बैरवा का सफर
बसेड़ी विधानसभा सीट से बैरवा 2018 में कांग्रेस के विधायक चुने गए थे। 2023 में उन्होंने पार्टी के खिलाफ निर्दलीय लड़ाई लड़ी और हार गए। इसके बाद वे 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे। अब कांग्रेस में उनकी वापसी के बाद पार्टी पुराने नेताओं को फिर से जोड़ने की कोशिश में दिख रही है।
डोटासरा का भाजपा पर हमला
डोटासरा ने भाजपा की "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" रैली पर निशाना साधा। डोटासरा ने कहा कि जनता के असली मुद्दों से भजनलाल सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि एक नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली पर भाजपा ने व्यापार पर असर की चिंता जताई थी। अब भाजपा खुद धनतेरस से पहले जयपुर में रैली निकाल रही है, जिससे ट्रैफिक और दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
डोटासरा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री आरोपों का जवाब देने के बजाय बौखलाहट में अमर्यादित भाषा बोल रहे हैं। उनके मुताबिक इससे भाजपा की उलटी गिनती शुरू होने के संकेत मिलते हैं।
लोकतंत्र बचाओ पर सवाल, SIR पर बहस
डोटासरा ने SIR पर संसद में चर्चा की बात को लेकर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने पूछा कि बिहार चुनाव के दौरान कथित गड़बड़ी पर चर्चा क्यों नहीं हुई। उन्होंने फॉर्म नंबर-6 के जरिए वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह किस कानून के तहत हो रहा है, यह स्पष्ट होना चाहिए। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को उठाया है।
राजस्थान में अपराध और कानून व्यवस्था पर सवाल
डोटासरा ने भरतपुर में एक पूर्व भाजपा विधायक की पीट-पीटकर हत्या का दावा किया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री के गृह जिले में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने अपहरण, बजरी माफिया, भू-माफिया और गैंगस्टरों की सक्रियता का आरोप लगाया। डोटासरा ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी और अस्पतालों में डॉक्टरों व दवाओं की कमी भी मुद्दा उठाया।
सरपंच चुनाव पर कांग्रेस का दावा
डोटासरा ने दावा किया कि 70 प्रतिशत सरपंच कांग्रेस विचारधारा से जीतकर आए हैं। उनके अनुसार नगर निगम चुनाव में भी भाजपा ने वोट चोरी की, फिर भी कांग्रेस को ज्यादा वोट मिले। उन्होंने जिला परिषद के नतीजों पर भारी बहुमत की उम्मीद जताई।
FAQs
- खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना ने किस पार्टी में वापसी की?
खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना ने 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के कारण कांग्रेस से अलग होने के बाद अब कांग्रेस में वापसी की है। - डोटासरा ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया है?
डोटासरा ने भाजपा पर लोकतंत्र बचाने के बजाय जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया है और मुख्यमंत्री की ओर से अमर्यादित भाषा बोलने की बात कही है। - कांग्रेस ने सरपंच चुनावों में अपनी स्थिति के बारे में क्या कहा है?
डोटासरा ने दावा किया कि 70 प्रतिशत सारपंच कांग्रेस विचारधारा से जीतकर आए हैं और नगर निगम चुनावों में भी कांग्रेस को भाजपा की तुलना में अधिक वोट मिले हैं।