किरोड़ी लाल पहुंचे ACB ऑफिस, कहा- घूसखोरी में दोषी हूं तो गिरफ्तार करो मुझे

Ashish Bhardwaj | Jun 19, 2026, 18:25 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में नकली बीज घूसखोरी मामला उजागर होने के बाद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को ACB मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने एसीबी डीजी से मुलाकात कर कहा कि अगर मैं इस मामले में दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार करो।

समझें क्या है पूरा मामला

  • नकली बीज मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहे कृषि मंत्री किरोड़ीलाल एसीबी मुख्यालय पहुंचे।
  • मंत्री ने एसीबी डीजी से कहा, वे सच जानने आए हैं। अगर दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार करें।
  • कृषि मंत्री ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही उसका मैटर वायरल कर दिया गया।
  • मीणा बोले, मुझे बदनाम करने के लिए षडयंत्र रचा। एफआईआर में डॉक्टर व मंत्री लिखा।
  • मंत्री के अनुसार वे सीएम से कहेंगे कि इस मामले की जांच सिटिंग जांच से कराई जाए।

राजस्थान में 2.44 करोड़ रुपए का नकली बीज घूसखोरी होने के बाद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को अचानक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय जा धमके। उन्होंने वहां एसीबी डीजी से मुलाकात की और लिखित शिकायत दी।



मीणा ने एसीबी मुख्यालय के बाहर मीडिया से कहा कि नकली बीज घूस कांड में दर्ज FIR दर्ज होने से पहले ही उसका मजमून वायरल कर दिया गया। उन्होंने ACB पर पूरे मामले का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।



मंत्री ने ACB से कहा कि वे पूरे मामले का सच जानने आए हैं। अगर मैं दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार कीजिए। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से कहूंगा कि वे पूरे मामले की सिटिंग जज से जांच कराएं। साथ ही डोटासरा और गहलोत को मानहानि की चेतावनी दी।





FIR से पहले मजमून वायरल

किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि ACB ने 9 जून 2026 को दोपहर 1:30 बजे अपनी वेबसाइट पर FIR अपलोड की। लेकिन यह FIR नंबर 155/2026 थाना CPS जयपुर में 8 जून 2026 की रात 11 बजकर 18 मिनट पर दर्ज हुई थी।



मीणा ने आरोप लगाया कि FIR दर्ज होने से पहले ही इसका मजमून वायरल हो गया था। मीडिया में यह खबर छप चुकी थी। उनका सवाल है कि जब FIR भी दर्ज नहीं हुई थी तो यह जानकारी कहां से लीक हुई और किसने वायरल किया। उन्होंने कहा- ACB के इतिहास में ऐसा आज तक नहीं हुआ।



ACB पर लगाया राजनीतिक हथियार का आरोप

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि उन्हें लगता है कि ACB किसी दबाव में काम कर रही है। वह इस मामले में राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रही है।



उन्होंने ACB डीजी को यह भी चेतावनी दी कि लक्ष्मण रेखा पार नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने DOIT, JJM (जल जीवन मिशन), Food Department में भ्रष्टाचार के ढेरों मामले ACB को भेजे थे। लेकिन उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।



डॉक्टर और मंत्री - भ्रम दूर करने की मांग

किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि एफआईआर में एक डॉक्टर और एक मंत्री का जिक्र आया है। वे खुद डॉक्टर भी हैं और मंत्री भी। इससे आम जनता में गलत धारणा बनी है कि वे इस प्रकरण में शामिल हैं।



उन्होंने ACB से मांग की कि मीडिया के जरिए यह स्पष्ट किया जाए कि FIR में जिस डॉक्टर और मंत्री का जिक्र है वे कौन हैं। अगर ऐसा नहीं हो सकता तो उन्होंने कहा - मुझे गिरफ्तार कर लो।



गहलोत और डोटासरा को मानहानि की चेतावनी

कांग्रेस नेता गोविंद डोटासरा ने कहा था कि सीकर में कृषि विभाग के व्यक्ति द्वारा किरोड़ी के नाम पर 20-20 लाख रुपए लिए गए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नकली बीज घूस कांड में मंत्री की भूमिका की जांच की मांग की थी।



विपक्ष के नेता टीकाराम जूली और हरीश चौधरी ने भी सीधे किरोड़ी पर निशाना साधा था। किरोड़ी ने डोटासरा से कहा कि उनके पास सबूत हो तो पेश करें। सबूत नहीं हैं तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।



सिटिंग जज से जांच की मांग

किरोड़ी ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर मांग करेंगे कि पूरे मामले की जांच किसी सिटिंग जज से कराई जाए।


उनकी मांग है कि FIR की जानकारी कहां से लीक हुई और किसने वायरल किया - इसकी जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो।



क्या है पूरा मामला

एसीबी ने कुछ दिन पहले राजस्थान बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उसके भांजे से 2.44 करोड़ रुपए की रिश्वत राशि बरामद की थी। यह राशि गुजरात की एक बीज कंपनी से ली गई थी।



एसीबी ने इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया। ये वे लोग थे, जो मंत्री की छापेमारी के दौरान उपस्थित रहते थे। इससे कृषि मंत्री किरोड़ीलाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। एफआईआर में डॉक्टर और मंत्री को उल्लेख होने से कांग्रेस उन पर ज्यादा हमलावर हो गई।



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