किसान सम्मान निधि योजना में बदलाव, अब बिना आईडी कार्ड नहीं मिलेगी 26 वीं किस्त
समझें क्या है पूरा मामला
- 26वीं किस्त से किसान आईडी अनिवार्य होगी।
- फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने के लिए नया नियम लागू होगा।
- मारवाड़ जंक्शन में 13,858 अपात्र लाभार्थी मिले।
- अब तक 87.44 लाख किसानों का पंजीकरण पूरा हुआ।
- किसान आईडी प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूरी करनी होगी।
किसान सम्मान निधि का पैसा अब सिर्फ नाम और खाते के आधार पर नहीं मिलेगा। सरकार ने किसान आइडी को अनिवार्य करने का फैसला किया है। यह नियम 26वीं किस्त से लागू होगा। योजना को अब सहकारिता विभाग से कृषि विभाग में स्थानांतरित किया जा रहा है। एक विधानसभा क्षेत्र में ही करीब 827 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था।
राजस्थान में किसान सम्मान निधि योजना को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। योजना में फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद सरकार ने किसान आइडी को सुरक्षा कवच बनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को सहकारिता विभाग से कृषि विभाग में स्थानांतरित करने की तैयारी भी हो चुकी है। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसका प्रस्ताव तैयार कर राजस्थान सरकार को भेजने का फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की 26वीं किस्त से नियम लागू
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 26वीं किस्त से किसान आईडी को अनिवार्य कर दिया जाएगा। यह फैसला पहले हो चुके फर्जीवाड़े को देखते हुए लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसान आइडी लागू होने के बाद फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना आसान होगा।
मारवाड़ जंक्शन में मिला बड़ा फर्जीवाड़ा
मारवाड़ जंक्शन विधानसभा क्षेत्र में इस योजना के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। यहां 13 हजार 858 अपात्र व्यक्तियों के आवेदन पंजीकृत हो गए थे। इन लोगों ने योजना की विभिन्न किस्तों के जरिए 826.66 लाख रुपये की राशि भी ले ली थी। मामला सामने आने के बाद इस राशि की वसूली के आदेश जारी किए गए। इसके साथ ही राजस्थान कृषि विभाग के अधीन एक समर्पित कृषि स्टैक आयुक्तालय बनाने का भी निर्णय हुआ है। यह कृषि स्टैक के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए बनाया जाएगा।
87 लाख से ज्यादा किसानों का पंजीकरण पूरा
राज्य में अब तक 87.44 लाख किसानों का किसान रजिस्ट्री में पंजीकरण पूरा हो चुका है। यह निर्धारित लक्ष्य का करीब 97 प्रतिशत है। इनमें से 49.46 लाख पीएम-किसान लाभार्थी सफलतापूर्वक किसान रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
15 सितंबर तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया
कृषि आयुक्त नरेश गोयल के मुताबिक कृषि विभाग की किसान केंद्रित योजनाओं में किसान आइडी को अब प्राथमिक पहचानकर्ता माना जा चुका है। राजस्व मंडल को म्यूटेशन प्रक्रिया में आवेदक का आधार नंबर और किसान आइडी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए 15 सितंबर 2026 की समय सीमा तय की गई है।
क्या है किसान सम्मान निधि योजना
किसान सम्मान निधि यानी पीएम-किसान केंद्र सरकार की योजना है। इसके तहत देश के पात्र भूमिधारी किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि चार-चार महीने के अंतर पर 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
राजस्थान में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र की पीएम-किसान योजना का ही विस्तार है। इसके तहत राज्य के पात्र किसानों को सालाना 3,000 रुपये की अतिरिक्त मदद मिलती है। इस तरह दोनों योजनाओं को मिलाकर किसानों को अब कुल 9,000 रुपये सालाना मिलते हैं। किसान आइडी अनिवार्य होने के बाद इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
FAQ
- किसान सम्मान निधि के लिए किसान आइडी कब से अनिवार्य होगी?
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 26वीं किस्त से किसान आइडी अनिवार्य कर दी जाएगी। यह फैसला योजना में हुए फर्जीवाड़े को रोकने के लिए लिया गया है। इससे फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान होगी। - मारवाड़ जंक्शन में कितने रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया?
मारवाड़ जंक्शन विधानसभा क्षेत्र में 13 हजार 858 अपात्र लोगों ने योजना का लाभ लिया। इन्होंने कुल 826.66 लाख रुपये की राशि ले ली थी। बाद में इस राशि की वसूली के आदेश जारी हुए। - राजस्थान में अब तक कितने किसानों का पंजीकरण हुआ है?
राज्य में अब तक 87.44 लाख किसानों का किसान रजिस्ट्री में पंजीकरण पूरा हो चुका है। यह तय लक्ष्य का करीब 97 प्रतिशत है। इनमें 49.46 लाख पीएम-किसान लाभार्थी भी शामिल हैं।
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