कोटा नगर निगम: मेयर चुनाव में भाजपा की अनसुइया विजयी घोषित, मिली बड़ी जीत
समझें क्या है पूरा मामला
- कोटा में भाजपा को मिली बड़ी जीत।
- अनसुइया गोस्वामी बनीं शहर की मेयर।
- भाजपा को 65 व कांग्रेस को 35 वोट मिले।
- श्रीविजयनगर में हुआ कांग्रेस का कब्जा।
- जयपुर-जोधपुर में वोटिंग जारी।
राजस्थान के कोटा से भाजपा के लिए अच्छी खबर सामने आई है। कोटा नगर निगम मेयर चुनाव में भाजपा की अनसुइया गोस्वामी को बड़ी जीत मिली है। उनका पहले से ही मेयर बनना तय माना जा रहा था।
चुनाव में भाजपा की अनसुइया को 65 वोट मिले। वहीं कांग्रेस को सिर्फ 35 वोट मिले। यह अंतर साफ दिखाता है कि भाजपा ने कोटा में मजबूत स्थिति बनाई है।
श्रीविजयनगर में कांग्रेस जीती
श्रीगंगानगर जिले की श्रीविजयनगर नगरपालिका में अध्यक्ष चुनाव के नतीजे आ गए हैं। यहां कांग्रेस के सुशील कुमार मीढ़ा नगर पालिका अध्यक्ष बने हैं। कांग्रेस ने इस सीट पर अपना कब्जा बनाए रखा।
श्रीगंगानगर जिले में कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत दिखाई है। स्थानीय स्तर पर यह जीत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए उत्साह लेकर आई है। वहीं यह नतीजा भाजपा के लिए राहत भरा नहीं रहा।
सुकेत में भाजपा ने मारी बाजी
कोटा जिले की सुकेत नगर पालिका में भी अध्यक्ष चुनाव का नतीजा आ गया है। यहां भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा अध्यक्ष बने हैं। इस तरह कोटा जिले में भाजपा ने दोनों जगह जीत दर्ज की है।
कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका दोनों में भाजपा को सफलता मिली है। इससे कोटा जिले में भाजपा की स्थिति और मजबूत मानी जा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।
जयपुर-जोधपुर में वोटिंग जारी
इधर जयपुर और जोधपुर में मेयर पद के लिए वोटिंग जारी है। सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हुआ है। यह वोटिंग दोपहर 2 बजे तक चलेगी।
इसके बाद मतगणना होगी। दोनों शहरों में कड़ी टक्कर मानी जा रही है। नतीजे आने के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। सभी की नजर इन दोनों शहरों पर टिकी है।
नतीजों का क्या मतलब?
कोटा में भाजपा की बड़ी जीत पार्टी के लिए मजबूत संदेश है। यह दिखाता है कि शहरी निकायों में भाजपा का प्रभाव बना हुआ है। कांग्रेस को यहां बड़ा झटका लगा है।
श्रीविजयनगर में कांग्रेस की जीत से पार्टी को राहत मिली है। हालांकि सुकेत में भाजपा की जीत ने कोटा जिले में उसका दबदबा बनाए रखा है। अब जयपुर और जोधपुर के नतीजों पर सबकी नजर है।
आगे क्या होगा?
जयपुर और जोधपुर में मतदान पूरा होने के बाद मतगणना शुरू होगी। नतीजे घोषित किए जाएंगे। इन दोनों शहरों के नतीजे राज्य की सियासत के लिए अहम माने जा रहे हैं।
अध्यक्ष और मेयर पद के नतीजों से बोर्ड गठन की तस्वीर भी साफ होगी। दोनों पार्टियां इन नतीजों को अपने पक्ष में पेश करने की कोशिश करेंगी।
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