प्रसूताओं की मौत पर हरकत में आई सरकार, 2 और डॉक्टरों सहित 4 को किया निलंबित

Ashish Bhardwaj | May 13, 2026, 13:08 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। दो डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों को निलंबित किया गया है।

News In Short

  • कोटा में न्यू मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल में प्रसूताओं की मौत पर सरकार हरकत में।
  • दो डॉक्टर और दो नर्सिंगकर्मी निलंबित, दो अस्पतालों के अधीक्षकों को नोटिस जारी।
  • प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
  • कोटा अस्पताल को एसओपी जारी करने के निर्देश, विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी के लिए कहा।
  • अस्पताल में लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का अलर्ट।

News In Detail

राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत के मामले में सरकार हरकत में आई है। इस मामले में राजस्थान सरकार ने दो डॉक्टरों और दो नर्सिंगकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही दो अस्पतालों के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। अब तक चार प्रसूताओं की मौत हो चुकी है।



प्रमुख शासन सचिव का दौरा

प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ दो दिन के कोटा के दौरे पर है। उन्होंने इस मामले के विभिन्न पहलुओं पर दिनभर समीक्षा की। उनका मुख्य ध्यान अस्पतालों में होने वाली लापरवाही और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जरूरी कदमों पर था।



न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में कार्रवाई

स्वास्थ्य बिगड़ने और लापरवाही बरतने पर कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉ. बद्रीलाल और डॉ. खुशबू मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।



इसके अलावा, जेके लोन अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी पिंकी खींची और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी मीणा को भी निलंबित कर दिया गया है।



कारण बताओ नोटिस

लापरवाही के आरोप में जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा और न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।



इन अधिकारियों को नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।



अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार

गायत्री राठौड़ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के बाद न्यू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निर्देश दिए कि अगले 2 दिन में अस्पताल के प्रोसीजर्स, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, और पेशेंट ट्रीटमेंट रिकॉर्ड पर एसओपी (Standard Operating Procedure) जारी किया जाए। इसके बाद, एसओपी के पालन को सख्ती से सुनिश्चित किया जाएगा।



डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों को प्रशिक्षण

प्रमुख शासन सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि सभी डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों को एसओपी के अनुसार कार्य करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज दिया जाए।



उन्होंने आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, और इमरजेंसी यूनिट में उपचार प्रोटोकॉल की सख्ती से पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही संक्रमण नियंत्रण, नियमित स्टरलाइजेशन, पोस्ट ऑपरेटिव मॉनिटरिंग और दवा वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही की अनुमति नहीं दी जाएगी।



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