15 साल की तन्वी की मौत पर AIIMS में हड़कंप, 13 साल तक नहीं हुआ हार्ट का ऑपरेशन
समझें क्या है पूरा मामला
- 13 साल तक हार्ट सर्जरी नहीं होने से कोटा की बेटी की मौत।
- एम्स ने अब जांच कमेटी बनाई, पिता ने जताया अविश्वास।
- पिता ने कहा- 2015 में तय थी सर्जरी, डेट टालते 13 साल बीते।
- 100 बार दिल्ली गए, पर नहीं हो पाई बेटी की सर्जरी।
- अब FIR कराएंगे, पिता बोले- कमेटी से अब क्या होगा?
कोटा की 15 साल की तन्वी की मौत ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। तन्वी को जन्म से ही दिल की जटिल बीमारी थी। वह 13 साल से एम्स दिल्ली में इलाज करा रही थी। लेकिन उसकी जरूरी सर्जरी कभी नहीं हो पाई।
1 सितंबर को उसकी मौत हो गई।एम्स ने अब जांच कमेटी बनाई है। पिता ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
क्या बीमारी थी तन्वी को?
तन्वी को वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD) और पल्मोनरी एट्रेसिया नाम की बीमारी थी। यह एक जटिल जन्मजात हार्ट डिफेक्ट है। इस बीमारी में हार्ट से फेफड़ों तक खून का रास्ता नहीं होता। 2012 में तन्वी को पहली बार एम्स की कार्डियोलॉजी ओपीडी में लाया गया था।
2017 में डॉक्टरों ने कहा कि हार्ट की जटिल बनावट के कारण सर्जरी संभव नहीं है। परिवार को सिर्फ दवाओं से इलाज की सलाह दी गई। लेकिन परिवार हमेशा सर्जरी की उम्मीद में रहा।
क्या कहते हैं परिजन?
तन्वी के पिता मुकेश ने बताया कि 2 साल की उम्र में बीमारी का पता चला था। 2 सितंबर 2015 को सर्जरी की डेट तय हुई थी। लेकिन फिर दीपावली के बहाने डॉक्टर ने टाल दिया। फिर कहा गया कि कंडयूट (कृत्रिम नली) उपलब्ध नहीं है।
मुकेश ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने किसी संजीव का नंबर दिया। उन्हें 30 हजार रुपए देने के बाद कंडयूट मिला। इसके बाद भी सर्जरी नहीं हुई। परिवार 13 साल में 100 से ज्यादा बार एम्स गया, लेकिन सर्जरी नहीं करवा पाए।
क्यों हुई मौत?
एम्स के अनुसार, 1 सितंबर की सुबह 2:50 बजे तन्वी को कमजोरी महसूस हुई। उसका ऑक्सीजन लेवल 48 प्रतिशत रह गया। डॉक्टरों ने काफी देर तक उसे पुनर्जीवित करने की कोशिश की। लेकिन वह बच नहीं पाई।
एम्स ने कहा कि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही आएगा। कमेटी मरीज के इलाज, मेडिकल रिकॉर्ड और मौत की परिस्थितियों की जांच करेगी।
पिता ने जताया अविश्वास
जांच कमेटी बनाने पर तन्वी के पिता ने अविश्वास जताया है। उन्होंने कहा, कोई भी कमेटी बना लो, उससे क्या होगा? उन्होंने कहा कि जब तक कोई कार्रवाई नहीं होती, कमेटी का कोई मतलब नहीं है। मुकेश ने कहा कि वे इलाज में लापरवाही को लेकर FIR दर्ज करवाएंगे।
उन्होंने दिल्ली पुलिस को भी कॉल किया था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करा दिया। अब परिवार एम्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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