कोटपूतली-बहरोड़ बस हादसा: पावटा में लोक परिवहन बस ट्रेलर से टकराई, आठ यात्री घायल
समझें क्या है पूरा मामला
- पावटा उपखंड में एनएच-48 पर बावड़ी मंदिर के पास हादसा हुआ।
- लोक परिवहन सेवा की बस आगे चल रहे ट्रेलर के पीछे जा टकराई।
- हादसे में आठ सवारियां घायल हुईं।
- सात घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
- एक घायल का उपचार अस्पताल में जारी है।
कोटपूतली-बहरोड़ बस हादसे में आठ यात्री घायल हो गए। गुरुवार को पावटा उपखंड क्षेत्र में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर बावड़ी मंदिर के पास यह हादसा हुआ। लोक परिवहन सेवा की बस आगे चल रहे ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को उप जिला अस्पताल पावटा पहुंचाया।
पावटा बस ट्रेलर टक्कर कैसे हुई?
पावटा थाने के एएसआई पूरणमल के मुताबिक, बावड़ी मंदिर के पास इन दिनों फ्लाईओवर निर्माण चल रहा है। इसके कारण हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो रही है। कई बार जाम की स्थिति भी बन रही है। गुरुवार को भी निर्माण कार्य के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार थी। इसी दौरान लोक परिवहन सेवा की बस आगे चल रहे ट्रेलर के पीछे जा टकराई। अचानक हुई टक्कर से बस में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। सवाल यह है कि धीमी रफ्तार वाले हाईवे पर इतनी बड़ी टक्कर कैसे हुई?
फ्लाईओवर निर्माण से हाईवे पर क्यों लग रहा जाम?
निर्माण कार्य के कारण हाईवे पर गाड़ियों की गति कम हो जाती है। इससे कई बार वाहनों की कतार लग जाती है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को लगातार इस जाम का सामना करना पड़ रहा है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग 48 जाम हादसा मामले में भी प्रारंभिक कारण यही बताया जा रहा है। पुलिस ने अभी कारणों की जांच शुरू की है।
लोक परिवहन बस ट्रेलर से टकराई: पुलिस ने क्या किया?
आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभाला और हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घायल यात्रियों को तत्काल पावटा अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया। इसके बाद यातायात को व्यवस्थित कर आवाजाही सुचारू कराई गई। हादसे के दौरान कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई थी।
उप जिला अस्पताल पावटा में घायलों की हालत कैसी है?
पावटा हादसे में आठ घायल यात्री उप जिला अस्पताल पावटा पहुंचाए गए। सात घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। एक घायल यात्री का अस्पताल में उपचार जारी है।
जाम पर लोगों की मांग क्या है?
फ्लाईओवर निर्माण के दौरान लगातार जाम से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों और चालकों ने निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था बेहतर रखने की मांग की है। उनकी मांग है कि जाम की स्थिति में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
अब नजर इस पर रहेगी कि पुलिस जांच में हादसे का कारण क्या सामने आता है। साथ ही यह भी कि हाईवे पर निर्माण स्थल के पास यातायात व्यवस्था में कोई बदलाव होता है या नहीं।
यह खबर क्यों जरूरी है:
दिल्ली-जयपुर एनएच-48 पर रोज बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। निर्माण स्थल के पास जाम और धीमी रफ्तार का जोखिम हर यात्री से जुड़ा है। इस हादसे में सभी घायलों की जान बची, लेकिन बस में बैठे यात्रियों के लिए यह बड़ा खतरा था। स्थानीय लोग निर्माण के दौरान पुलिस तैनाती की मांग कर रहे हैं। इससे सवाल उठता है कि निर्माण वाले हिस्सों में यातायात की निगरानी कैसे बेहतर की जाए।