अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ा गैंगस्टर हैरी बॉक्सर, लॉरेंस बिश्नोई का राइट हैंड होगा भारत डिपोर्ट
अब उसे भारत प्रत्यर्पित कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस मामले में आधिकारिक पुष्टि के बाद ही आगे की तारीखें और कदम साफ होंगे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की पहचान उसके विदेशी नेटवर्क से भी जुड़ी है। पिछले कुछ महीनों में गैंग के कई सदस्य अमेरिका और दूसरे देशों से गिरफ्तार होकर भारत लाए गए हैं। जनवरी 2026 में अमन भैंसवाल के इंटरपोल रेड नोटिस के तहत अमेरिका से भारत लाया गया था। इससे साफ है कि विदेश में छिपे गैंगस्टरों को पकड़ने के लिए अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका बढ़ गई है।
कैसे पड़ा 'हैरी बॉक्सर' नाम और क्या है राजस्थान कनेक्शन?
हैरी बॉक्सर का असली नाम हरिश्चंद्र जाट है। वह मूल रूप से राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर क्षेत्र के एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखता है। अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले वह एक साधारण जिंदगी जी रहा था। उसका सपना भारतीय सेना या राजस्थान पुलिस में भर्ती होकर देश-प्रदेश की सेवा करना था।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के सिलसिले में वह राजस्थान की राजधानी जयपुर आया था। जयपुर में रहते हुए उसने पेशेवर बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ली और बाद में युवाओं को कोचिंग भी देने लगा। बॉक्सिंग रिंग से जुड़ाव और बतौर कोच काम करने के कारण दोस्तों के बीच, सोशल मीडिया और बाद में पुलिस फाइलों में उसका नाम 'हैरी बॉक्सर' पड़ गया।
लॉरेंस गैंग से जुड़ाव और फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका फरार
जयपुर में रहने के दौरान हैरी गलत संगत में पड़कर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आ गया और देखते ही देखते उसने रंगदारी और अपराध का रास्ता चुन लिया। साल 2022 में हैरी बॉक्सर नेपाल के रास्ते फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश (अमेरिका) भाग गया।
अमेरिका में शरण लेने के बावजूद उसने राजस्थान के कारोबारियों को निशाना बनाना बंद नहीं किया। अक्टूबर 2025 में उसने जयपुर के नारायण विहार के एक बड़े कपड़ा व्यवसायी को फोन पर धमकी देते हुए भारी रंगदारी मांगी थी। इस संबंध में नारायण विहार थाने में FIR दर्ज है।
उसके खिलाफ राजस्थान के जयपुर, अलवर, सीकर, धौलपुर और करौली जिलों में रंगदारी, लूट, जानलेवा हमले और फायरिंग के 10 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
मध्य प्रदेश में व्यापारियों से रंगदारी
राजस्थान के अलावा हैरी बॉक्सर का मध्य प्रदेश से भी गहरा और संगीन कनेक्शन सामने आया है। फरवरी और मार्च 2026 में उसने भोपाल, इंदौर, खरगोन और अशोकनगर के नामचीन कारोबारियों को व्हाट्सएप वॉयस मैसेज और इंटरनेशनल कॉल के जरिए धमकाया।
उसने अशोकनगर के व्यापारी अंकित अग्रवाल से 10 करोड़ और इंदौर के व्यवसायी संजय से 15 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। एमपी पुलिस और एसटीएफ ने इस सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुल 27 गुर्गों को गिरफ्तार कर उसके नेटवर्क को ध्वस्त किया था।
भारत में किया जा सकता प्रत्यर्पण
विदेश से गैंगस्टरों को भारत लाने की प्रक्रिया में आमतौर पर इंटरपोल रेड नोटिस, विदेशी एजेंसी के साथ समन्वय और अदालती प्रक्रिया शामिल होती है। भारत में राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर काम करती हैं। जनवरी 2026 में अमन भैंसवाल को अमेरिका से लाए जाने की प्रक्रिया भी इसी तरह CBI और इंटरपोल के समन्वय से पूरी हुई थी। हैरी बॉक्सर का भी भारत में प्रत्यर्पण किया जा सकता है।