संयम लोढ़ा की रेकी में 3 गिरफ्तार, लॉरेंस गैंग की साजिश का खुलासा
समझें क्या है पूरा मामला
- पुलिस के मुताबिक, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच चल रही है।
- हरियाणा से तीन संदिग्धों को पकड़कर जोधपुर लाया गया है।
- तीनों पर करीब एक सप्ताह तक सिरोही और पाली में रहकर रेकी करने का आरोप है।
- इसके बाद 5-5 लाख रुपए के इनामी दो शूटरों को बुलाए जाने की बात सामने आई है।
- शूटरों की निशानदेही पर जिगाना, ग्लॉक पिस्टल, 36 कारतूस और 4 मैगजीन बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
जोधपुर/सिरोही। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को एक और अहम कड़ी मिली है। पुलिस के मुताबिक, लोढ़ा के घर और सिरोही स्थित फार्म हाउस की रेकी के लिए हरियाणा से तीन संदिग्ध बदमाश भेजे गए थे। AGTF ने तीनों को हरियाणा से पकड़कर जोधपुर लाया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
पकड़े गए संदिग्धों की पहचान राहुल निवासी पानीपत चांदनी, सूरज सरोहा उर्फ टालू और हंशु निवासी गन्नौर, सोनीपत के रूप में बताई गई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक तीनों करीब एक सप्ताह तक सिरोही और पाली जिले के अलग-अलग गांवों में रहे। इस दौरान वे होटल और धर्मशालाओं में ठहरे और पूर्व विधायक के शिवपुरी स्थित फार्म हाउस की गतिविधियों की जानकारी जुटाते रहे।
पहले रैकी, फिर बुलाए गए इनामी शूटर
जांच के अनुसार, रैकी पूरी होने के बाद कथित हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए नेपाल से शूटरों को बुलाया गया था। इनमें पंजाब के फाजिल्का निवासी जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और अबोहर निवासी राजिंदर उर्फ बिल्ला शामिल हैं। दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित बताया गया है।
दोनों शूटरों को AGTF ने करीब छह दिन पहले जोधपुर के एक होटल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उनके पास से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को रैकी करने वाले संदिग्धों तक पहुंचने में मदद मिली।
शूटरों के पास मिली थी लोढ़ा की फोटो
जांच के दौरान शूटरों के पास पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की तस्वीर मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हुई थीं। इसके बाद लोढ़ा की सुरक्षा बढ़ाई गई और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया गया।
इसी जांच के दौरान पुलिस को उन लोगों की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली, जो कथित तौर पर पहले से लोढ़ा के फार्म हाउस और आसपास के इलाके की रेकी कर रहे थे।
एक सप्ताह तक अलग-अलग जगहों पर ठहरे
पुलिस के मुताबिक तीनों संदिग्ध करीब एक सप्ताह तक सिरोही और पाली जिले के अलग-अलग गांवों में रहे। उन्होंने ठहरने के लिए अलग-अलग होटल और धर्मशालाओं का इस्तेमाल किया।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन तीनों को रेकी के लिए किसने भेजा था, उन्हें स्थानीय स्तर पर किस तरह की मदद मिली और उन्होंने लोढ़ा की गतिविधियों से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारी गैंग तक पहुंचाई।
शूटरों की निशानदेही पर हथियार बरामद
शूटरों से पूछताछ के बाद पुलिस ने पाली जिले में छिपाकर रखे हथियार भी बरामद किए हैं। इनमें जिगाना पिस्टल, ग्लॉक पिस्टल, 36 कारतूस और 4 मैगजीन शामिल हैं।
AGTF के ADG दिनेश एमएन के मुताबिक, हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्ध करीब एक सप्ताह तक इलाके में रहकर रेकी करते रहे थे। पुलिस अब हथियारों की सप्लाई और रेकी करने वाले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।
4-5 अन्य संदिग्ध भी जांच के घेरे में
पुलिस को मामले में तीनों आरोपियों के अलावा करीब 4-5 अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध मिली है। इनकी तलाश में अलग-अलग जगहों पर दबिश दी जा रही है।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि पूर्व विधायक के खिलाफ किसी पुरानी रंजिश का इस कथित साजिश से कोई संबंध है या नहीं।
जसकरण और बिल्ला 30 सितंबर तक रिमांड पर
AGTF ने कुछ दिन पहले जोधपुर के एक होटल में कार्रवाई करते हुए जसकरण और राजिंदर उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया था। दोनों फिलहाल 30 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं।
अब पुलिस तीनों रैकी करने वाले संदिग्धों और गिरफ्तार शूटरों से मिली जानकारी को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे और वारदात की पूरी योजना कैसे तैयार की गई थी।
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