मजदूर की बेटी ने गाड़े झंड़े, 12वीं साइंस में प्राप्त किए 99% अंक, सिविल सेवा में जाने की इच्छा

Ashish Bhardwaj | Mar 31, 2026, 17:05 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील की लक्ष्मीबाई भामू ने 12वीं साइंस में 99% अंक प्राप्त किए हैं। लक्ष्मी के माता-पिता खेती और मजदूरी करते है। वे प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं।

News In Short

अलवर की लक्ष्मीबाई भामू ने 12वीं साइंस में 99% अंक प्राप्त किए।


लक्ष्मी ने रसायन विज्ञान और गणित में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए।


लक्ष्मी किसान परिवार से हैं, पिता खेती और मजदूरी करते हैं।


छात्रा लक्ष्मीबाई जाना चाहती है प्रशासनिक सेवा में।


विद्यालय में लक्ष्मी की सफलता पर सम्मानित किया गया।



News In Detail

सुनील जैन@अलवर



राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील की लक्ष्मीबाई भामू ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं साइंस परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता खेती और मजदूरी करते हैं। वे अपनी बेटी की इस कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहे हैं।



सामान्य परिवार की बेटी है लक्ष्मी

लक्ष्मी का परिवार एक बेहद साधारण किसान परिवार है। उनके पिता फतेह सिंह खेती का काम करते हैं। साथ ही मजदूरी भी करते हैं, जिससे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। लक्ष्मी की माता गुड्डी देवी गृहिणी हैं। पिता ने कठिनाइयों के बावजूद अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।



प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है लक्ष्मी

लक्ष्मी ने रसायन विज्ञान और गणित में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। अपनी सफलता के बाद वह प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहती है। वे भविष्य में बीएससी करने के बाद एसएससी-सीजीएल की परीक्षा देना चाहती हैं।



विद्यालय और शिक्षकों का योगदान

लक्ष्मी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और स्वामी केशवानंद शिक्षण संस्थान के निदेशक मोरध्वज सिंह चौधरी और अपने अन्य शिक्षकों को दिया है। विद्यालय में इस शानदार परिणाम के बाद जश्न का माहौल था।



माता-पिता का समर्थन

लक्ष्मी के माता-पिता को अपनी बेटी पर गर्व है। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी दसवीं तक बड़ौदा मेव में पढ़ाई करती थी। लेकिन बाद में विज्ञान वर्ग में प्रवेश के लिए लक्ष्मणगढ़ में उसका एडमिशन कराया गया। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बाद भी उनके पिता ने कभी भी उनकी शिक्षा में कोई भी कमी नहीं आने दी। उन्होंने अपनी बेटी का हमेशा हौसला बढ़ाया।



स्कूल ने सराहा

विद्यालय संचालक मोरध्वज सिंह चौधरी ने लक्ष्मी की सफलता को एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, यह सफलता साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा रास्ते में नहीं आ सकती। हमें अपनी बिटिया पर गर्व है।



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