मदन राठौड़ ने गहलोत से क्यों कहा, इंतजार शास्त्र सीरीज छोड़कर संतोष शास्त्र अपना लेना चाहिए
News In Short
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधा।
- गहलोत को इंतजार शास्त्र सीरीज छोड़कर संतोष शास्त्र अपनाने की सलाह दी।
- गहलोत ने अपनी सीरीज में भाजपा पर बदले की राजनीति का लगाया था आरोप।
- राठौड़ ने गहलोत के बदलते स्वभाव और शब्द चयन पर आलोचना की।
- राठौड़ ने गहलोत के दिल्ली दौरे पर तंज कसते हुए कहा, "इस इंतजार में वह सिर्फ कमजोर होते जाएंगे।"
News In Detail
राजस्थान की राजनीति में नेताओं के बयानों से पारा चढ़ा हुआ है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला करते हुए उनकी राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गहलोत साहब आप को अब “इंतजार शास्त्र” सीरीज छोड़ देना चाहिए। आपकी राजनीतिक पारी का समय पूर्ण हो चुका है। अब नई पीढ़ी को आगे आने दीजिए। उन्होंने कहा कि गहलोत अभी भी उम्मीद के सहारे राजनीति में टिके रहने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या कहा था अशोक गहलोत ने
इससे पहले अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर 'इंतजार शास्त्र' सीरीज का 9वीं चैप्टर जारी किया। इसमें उन्होंने कहा था कि जयपुर का राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर वहीं स्थान है, जिसकी भव्यता और व्यवस्थाओं की सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने जयपुर दौरे में की थी। गहलोत ने सवाल उठाया कि जिस अंतरराष्ट्रीय स्तर के केंद्र की तारीफ दुनिया भर में हुई, भाजपा सरकार ने उसके गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य आखिर क्यों रोक दिया है? उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस के बजट को रोककर सरकार जनता के पैसे को महंगे होटलों में मेहमानों को ठहराने में खर्च कर रही है। अगर गेस्ट हाउस बनता तो यह पैसा बचता और सरकारी खजाने में जमा होता।
गहलोत को दी संन्यास लेने की सलाह
भाजपा नेता मदन राठौड़ ने इंतजार शास्त्र सीरीज पर तंज कसते हुए कहा कि गहलोत साहब अब आप को 'वानप्रस्थ' शुरू करना चाहिए। उनकी उम्र को याद दिलाते हुए कहा कि 75 साल की उम्र में संन्यास आश्रम शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि गहलोत को इंतजार छोड़कर संतोष शास्त्र अपनाते हुए धैर्य रखना चाहिए। राठौड़ ने यह भी कहा कि अब गहलोत को नई पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए कदम आगे बढ़ाना चाहिए।
गहलोत के बदलते स्वभाव पर उठाए सवाल
राठौड़ ने गहलोत के बदलते स्वभाव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, गहलोत का शब्द चयन बिगड़ने लगा है। कभी वह बेटों को दूर रखने की बात करते हैं और खुद बेटे को आगे ला रहे हैं। कभी नकारा और निकम्मा शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। जब कोई सनकी स्वभाव का हो जाए, तो समझ लेना चाहिए कि उम्र का असर हो रहा है।
कांग्रेस की स्थिति पर गहलोत को जिम्मेदार ठहराया
राठौड़ ने गहलोत को कांग्रेस पार्टी की हालत का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत ने पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र में पार्टी की स्थिति को बिगाड़ दिया। उनके मुताबिक गहलोत का जलवा अब खत्म हो चुका है ।
गहलोत के दिल्ली दौरे पर भी तंज
राठौड़ ने गहलोत के दिल्ली दौरे पर चुटकी लेते हुए कहा कि गहलोत अब दिल्ली में अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस प्रयास में वह केवल कमजोर होते जाएंगे। उन्होंने कहा कि गहलोत का प्रयास है कि वे राष्ट्रीय नेतृत्व की नजरों में फिर से चर्चा में आ जाएं, लेकिन इस इंतजार में वह सिर्फ दुबले होते जाएंगे।
ये भी पढे़:-
'इंतज़ारशास्त्र' का नया अध्याय, स्टेडियम अधर में, गहलोत ने भजनलाल सरकार पर लगाए आरोप
आईआईटी में फेल, आईआईएम में गोल्ड मेडल, फिर यूपीएससी टॉपर, यह है आईएएस गौरव अग्रवाल की कहानी
कोई किसी से कम नहीं, दोनों ही सरकारों में 'सत्ता पुत्रों' के लिए कानून ठेंगे पर