एमपी के गैंगस्टर मुख्तार मलिक की हत्या में 11 को उम्रकैद, मछली ठेके पर हुई थी लड़ाई

Ashish Bhardwaj | Apr 28, 2026, 20:32 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में झालावाड़ की एडीजे कोर्ट ने मध्यप्रदेश के गैंगस्टर मुख्तार मलिक की हत्या के मामले में 11 लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी है। सभी दोषियो पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

News In Short

  • झालावाड़ एडीजे कोर्ट ने मुख्तार मलिक हत्याकांड में 11 आरोपियों को दी उम्रभर की सजा।
  • एक आरोपी को सुनाई 7 साल की सजा, सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया।
  • घटना 2 जून 2022 को हुई थी, जब मुख्तार मलिक की बोट पर ताबड़तोड़ की थी फायरिंग ।
  • मुख्तार मलिक एमपी का कुख्यात गैंगस्टर था, उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले थे दर्ज।
  • राजस्थान पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया।

News In Detail

राजस्थान की झालावाड़ एडीजे कोर्ट ने मध्य प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार मलिक के हत्याकांड में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को 7 साल के कठोर कारावास से दंडित दिया है। सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। इस मामले में पुलिस ने कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 94 दस्तावेज और 44 गवाह पेश किए। इसके बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अपना फैसला सुनाया।



आरोपियों की सजा

एडीजे कोर्ट ने मुख्तार मलिक के हत्याकांड में मुख्य आरोपी अब्दुल बंटी और वसीम राजा सहित कुल 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोटा के सुखेत निवासी शफीक को 7 साल की सजा दी गई है। इस मामले में पुलिस ने कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया था और कई दस्तावेज़ व गवाह प्रस्तुत किए थे।



हत्याकांड की घटना और घटनाक्रम

यह घटना 2 जून 2022 की रात की है, जब काली सिंध बांध के भराव क्षेत्र में मछली ठेकेदारी को लेकर मुख्तार मलिक और आरोपी अब्दुल बंटी के बीच फोन पर कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को धमकी दी थी। घटना के अगले दिन मुख्तार अपने साथियों के साथ मोटर बोट से कांसखेड़ली गांव के पास भीमसागर बांध के भराव क्षेत्र में पहुंचा। यहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उनकी बोट पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जाता है कि दोनों तरफ से कई राउंड फायर हुए थे।



मुख्तार मलिक की मौत



हमले में मुख्तार मलिक, उसके साथी कमल और सहयोगी विक्की वाहिद लापता हो गए थे। अगले दिन पुलिस को कमल का शव पानी में मिला, जबकि विक्की वाहिद भागकर भोपाल पहुंच गया था। दो दिन बाद पुलिस को मुख्तार मलिक गंभीर हालत में जंगलों में मिला, जिसे एसआरजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।



भोपाल का कुख्यात गैंगस्टर

मुख्तार मलिक भोपाल का कुख्यात गैंगस्टर था। उसके खिलाफ भोपाल, रायसेन और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में लगभग 60 आपराधिक मामले दर्ज थे। हाल के बरसों में वह प्रॉपर्टी कारोबार और ठेकों में सक्रिय हो गया था। 1996-97 में वह पहली बार चर्चा में आया था, जब उसके गुर्गों ने भोपाल के शाहजहानाबाद जिला न्यायालय में खुलेआम फायरिंग की थी। इस घटना में 25 से अधिक राउंड फायर हुए थे और दो लोगों की मौत हो गई थी।



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