महल रोड के 3 चौराहे आज से सिग्नल फ्री, ₹12 करोड़ के यू-टर्न प्रोजेक्ट पर डिजाइन को लेकर सवाल

Raghvendra Singh Rathore | Sept 21, 2026, 15:11 IST
महल रोड के 3 चौराहे आज से सिग्नल फ्री
जयपुर के महल रोड पर 21 सितंबर से तीन चौराहे सिग्नल फ्री हो गए हैं। JDA का 12 करोड़ का यू-टर्न प्रोजेक्ट लागू हुआ, लेकिन डिजाइन, सड़क चौड़ाई और बड़े वाहनों के मूवमेंट को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • महल रोड के 3 चौराहे आज से हुए सिग्नल फ्री
  • 12 करोड़ के यू-टर्न प्रोजेक्ट पर डिजाइन को लेकर सवाल
  • 7 किमी में बन रहे हैं 7 यू-टर्न, चार तैयार
  • बड़े वाहनों के मूवमेंट पर टिकी हैं सबकी निगाहें
  • नई व्यवस्था संभालने के लिए तैनात हुईं 8 टीमें

जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर आज यानी 21 सितंबर से ट्रैफिक का तरीका बदलने जा रहा है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) अक्षय पात्र, जीवन रेखा हॉस्पिटल और बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे को सिग्नल फ्री करने जा रहा है।



अब इन चौराहों पर सीधे राइट टर्न लेने के बजाय वाहन चालकों को आगे जाकर बनाए गए यू-टर्न से घूमकर वापस आना होगा। करीब ₹12 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का मकसद ट्रैफिक को बिना सिग्नल रोके लगातार चलाना है, लेकिन व्यवस्था शुरू होने के साथ ही यू-टर्न के डिजाइन, सड़क की उपलब्ध चौड़ाई और बड़े वाहनों के मूवमेंट को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।



7 किलोमीटर में बन रहे 7 यू-टर्न

महल रोड पर जगतपुरा आरओबी से द्रव्यवती नदी की पुलिया तक करीब 7 किलोमीटर लंबे हिस्से में जेडीए ने सात एट-ग्रेड यू-टर्न बनाने की योजना तैयार की है। इनमें चार यू-टर्न स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है।



नई व्यवस्था के पहले चरण में अक्षय पात्र चौराहा, जीवन रेखा हॉस्पिटल चौराहा और बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा सिग्नल फ्री किए जा रहे हैं। इन चौराहों पर सीधे दाहिने मुड़ने और सड़क पार करने की मौजूदा व्यवस्था बंद होगी।



वाहन को पहले आगे जाना होगा, निर्धारित यू-टर्न से दूसरी तरफ आना होगा और इसके बाद संबंधित सड़क की ओर मुड़ना होगा।



₹12 करोड़ का प्रोजेक्ट, डिजाइन पर उठे सवाल

महल रोड के इस ट्रैफिक सुधार प्रोजेक्ट पर करीब ₹12 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। जेडीए की प्रोजेक्ट वर्क्स कमेटी ने हरे कृष्णा मार्ग यानी महल रोड पर एट-ग्रेड यू-टर्न सुविधा के लिए ₹12.12 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी थी।



हालांकि, यू-टर्न तैयार होने के बाद इसके डिजाइन को लेकर कुछ रोड सेफ्टी और ट्रैफिक प्लानिंग से जुड़े सवाल सामने आए हैं। सवाल मुख्य रूप से यू-टर्न के आसपास मुख्य सड़क की उपलब्ध चौड़ाई, बसों और अन्य बड़े वाहनों के टर्निंग मूवमेंट तथा पैदल यात्रियों के सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने को लेकर हैं।



इन सवालों के बाद जेडीए ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), दिल्ली के ट्रांसपोर्ट प्लानिंग विशेषज्ञों और आईआईटी गुवाहाटी के विशेषज्ञों से भी तकनीकी राय ली है।



बड़े वाहन यू-टर्न लेंगे तो क्या रुकेगा पीछे का ट्रैफिक?

नई व्यवस्था का असली परीक्षण इसके शुरू होने के बाद होगा। महल रोड पर सामान्य कारों और दोपहिया वाहनों के साथ बसों और दूसरे बड़े वाहनों का भी दबाव रहता है।



यू-टर्न पर यदि एक साथ अलग-अलग दिशाओं से वाहन पहुंचते हैं तो ट्रैफिक मर्जिंग महत्वपूर्ण होगी। इसी तरह बस या बड़े वाहन को यू-टर्न लेने के लिए अधिक जगह चाहिए। ऐसे में यह देखना होगा कि व्यस्त समय में पीछे वाहनों की कतार तो नहीं लगती।



इसके अलावा महल रोड पर अस्पताल भी हैं। इसलिए एम्बुलेंस और इमरजेंसी वाहनों को नई व्यवस्था में कितना समय लगता है, यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।



पैदल यात्रियों के लिए भी होगा टेस्ट

सिग्नल फ्री व्यवस्था में दूसरा बड़ा मुद्दा पैदल यात्रियों के मूवमेंट का है। अभी सिग्नल पर ट्रैफिक रुकने के दौरान लोगों को सड़क पार करने का मौका मिलता था। लगातार ट्रैफिक चलने की स्थिति में पैदल यात्री सुरक्षित तरीके से सड़क कैसे पार करेंगे, यह नई व्यवस्था की सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना होगा।



जेडीए का कहना है कि परियोजना में यू-टर्न के साथ ट्रैफिक चैनलाइजेशन, रोड मार्किंग, संकेतक, डेलिनिएटर और दूसरे रोड सेफ्टी उपायों का भी प्रावधान किया गया है।



नई व्यवस्था संभालने के लिए 8 टीमें

शुरुआती दिनों में वाहन चालकों को नया ट्रैफिक पैटर्न समझाने और व्यवस्था की निगरानी के लिए आठ टीमें तैनात किए जाने की तैयारी है।



हर टीम में एक अधिशासी अभियंता और तहसीलदार स्तर के अधिकारी को शामिल किया गया है। ये टीमें सुबह से रात तक मौके पर ट्रैफिक मूवमेंट देखेंगी और जरूरत पड़ने पर बदलाव के लिए फीडबैक देंगी।



अब जमीन पर होगा ₹12 करोड़ के प्रयोग का टेस्ट

महल रोड पर नई व्यवस्था का उद्देश्य लाल बत्ती पर लगने वाले समय को कम करना और वाहनों को लगातार आगे बढ़ाना है। तीन चौराहों के सिग्नल फ्री होने के बाद तस्वीर साफ होगी कि यू-टर्न मॉडल वास्तव में यात्रा का समय घटाता है या ट्रैफिक का दबाव चौराहों से हटकर यू-टर्न पॉइंट्स पर पहुंच जाता है।



के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण होंगे। खास तौर पर व्यस्त समय में बड़े वाहनों का टर्निंग मूवमेंट, एम्बुलेंस की आवाजाही, पैदल यात्रियों के सड़क पार करने की व्यवस्था और यू-टर्न पर बनने वाली कतारें बताएंगी कि करीब ₹12 करोड़ की यह व्यवस्था महल रोड की ट्रैफिक समस्या का कितना कारगर समाधान साबित होती है।



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