लूणी-समदड़ी मार्ग पर ट्रैक्टर ट्रेन से टकराया, आधा घंटे रुकी रही चेन्नई-भगत की कोठी एक्सप्रेस
लूणी-समदड़ी रेल मार्ग पर सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। धुंधाड़ा और समदड़ी रेलवे स्टेशन के बीच स्थित अजीत स्टेशन के पास एक ट्रैक्टर अचानक बेकाबू होकर सीधे रेलवे ट्रैक पर आ गया। उसी समय वहां से गुजर रही चेन्नई-भगत की कोठी एक्सप्रेस (Chennai-Bhagat Ki Kothi Express) का इंजन ट्रैक्टर से टकरा गया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेन के इंजन और कई डिब्बों को नुकसान पहुंचा, जबकि ट्रैक्टर कई हिस्सों में बिखर गया। राहत की बात यह रही कि ट्रैक्टर चालक ने समय रहते छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। वहीं, ट्रेन में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
रेलवे ट्रैक निर्माण के दौरान बेकाबू हुआ ट्रैक्टर
मिली जानकारी के अनुसार, समदड़ी-भीलड़ी रेल मार्ग पर दोहरीकरण और ट्रैक निर्माण से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर का काम चल रहा है। इस निर्माण कार्य के लिए ठेकेदारों की ओर से ट्रैक्टर, जेसीबी और हाइड्रा जैसी भारी मशीनें लगाई गई हैं।
सोमवार सुबह अजीत स्टेशन के पास काम के दौरान एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे मुख्य पटरी पर चढ़ गया। इसी दौरान चेन्नई से भगत की कोठी की तरफ जा रही तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन वहां पहुंच गई। ट्रेन चालक को ब्रेक लगाने का पर्याप्त समय नहीं मिला और जोरदार ट्रैक्टर ट्रेन भिड़ंत हो गई।
जेसीबी और हाइड्रा की मदद से हटाया मलबा
टक्कर के बाद ट्रैक्टर के टुकड़े ट्रेन के इंजन और डिब्बों के निचले हिस्से में फंस गए। दुर्घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने ट्रेन को मौके पर ही रोक दिया।
इसके बाद निर्माण कार्य में लगी जेसीबी (JCB) और हाइड्रा (Hydra) मशीनों को बुलाया गया। मशीनों की मदद से ट्रैक्टर के फंसे हुए हिस्सों और बिखरे हुए मलबे को पटरियों से हटाया गया। काफी मशक्कत के बाद रेलवे ट्रैक को सुचारू किया जा सका।
आधा घंटा ठप रहा रेल यातायात
हादसे के कारण चेन्नई-भगत की कोठी एक्सप्रेस लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक घटनास्थल पर ही खड़ी रही। इसके चलते लूणी-समदड़ी मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई और अन्य पैसेंजर व एक्सप्रेस गाड़ियों को निकटतम स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
ट्रैक पूरी तरह साफ होने और सुरक्षा जांच के बाद ही एक्सप्रेस ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि न होने से रेलवे प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, पटरियों के ठीक पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और भारी मशीनों की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पटरियों के पास काम करते समय उचित बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल की तैनाती आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।