राजस्थान में नशा तस्करों पर बड़ा एक्शन, अक्टूबर तक करीब 9 हजार गिरफ्तार; 1,244 करोड़ के ड्रग्स जब्त
Jaipur: राजस्थान पुलिस ड्रग्स के खिलाफ बड़ी की है। पुलिस के जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में जब्त मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 1,244.20 करोड़ रुपये है। पुलिस ने 335 हॉटस्पॉट पर छापेमारी की। इसके अलावा अवैध मादक पदार्थों की खेती और ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्रियों पर भी कार्रवाई की गई।
एक दिन में 278 आरोपी गिरफ्तार
26 अक्टूबर को प्रदेशभर में नशे के खिलाफ एक दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 262 मामले दर्ज हुए और 278 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 8 सरगनाओं और तस्करों को चिह्नित किया। छह हॉटस्पॉट पर कार्रवाई की गई। अभियान के तहत 3,496 स्थानों की जांच भी की गई।
एक दिन की कार्रवाई में पुलिस ने 14.68 किलो अफीम, 365.33 किलो डोडा पोस्त और 65.74 किलो गांजा जब्त किया। गांजे के 124 पौधे भी मिले। इसके अलावा 352.82 ग्राम स्मैक, 112.78 ग्राम हेरोइन और 177.57 ग्राम एमडी बरामद की गई। पुलिस ने 1,717 नशीली गोलियां भी जब्त कीं।
इस कार्रवाई में 4.98 लाख रुपये नकद मिले। जब्त मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 2.91 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने 15 वाहन और आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए।
35 एमडी फैक्ट्रियों का भंडाफोड़
पुलिस के मुताबिक, नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। 26 अक्टूबर तक 35 एमडी फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया। अवैध खेती के खिलाफ 144 स्थानों पर छापेमारी हुई। इस दौरान कुल 2,125 वाहन जब्त किए गए।
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने 1,010.55 किलो अफीम, 131.46 टन डोडा पोस्त और 274.13 किलो एमडी बरामद की है। पुलिस के आंकड़ों में इन जब्त मादक पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत 1,244.20 करोड़ रुपये बताई गई है।
तस्करों की संपत्तियों पर भी नजर
राजस्थान पुलिस अब नशा तस्करों की कमाई पर भी शिकंजा कस रही है। जारी आंकड़ों के अनुसार, संपत्ति से जुड़े 250 मामलों में 75 संपत्तियों पर कार्रवाई की गई। इन संपत्तियों का मूल्य करीब 30.25 करोड़ रुपये बताया गया है।
इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F के तहत 149 कार्रवाइयां की गईं। पीआईटी एनडीपीएस कानून के तहत 101 प्रस्ताव तैयार किए गए। इन प्रावधानों के जरिए नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों और तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
3.63 लाख से ज्यादा लोग अभियान से जुड़े
पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जनभागीदारी भी अहम है। इसी उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 26 अक्टूबर तक अभियान से 3,63,547 नागरिकों को जोड़ा गया। इनमें 3,58,682 लोगों ने नशामुक्त समाज बनाने की शपथ ली। इस अवधि में 3,966 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राजस्थान में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। अक्टूबर की शुरुआत में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पहले नौ महीनों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6,981 मामले दर्ज हुए थे। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 5,166 थी। पुलिस ने बढ़ोतरी का संबंध तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से जोड़ा था।
राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में चल रहे अभियान का लक्ष्य तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई करना और युवाओं को नशे से दूर रखना है। अब इस अभियान के असर का आकलन गिरफ्तारियों और जब्ती के साथ-साथ तस्करी के नेटवर्क पर पड़ने वाले प्रभाव से भी होगा।