आदिवासी बच्चों की तस्करी के पीछे धर्मांतरण का इकोसिस्टम, सांसद के गंभीर आरोप

Jageshwar prasad | Jul 19, 2026, 20:27 IST
उदयपुर सांसद ने आदिवासी बच्चों की तस्करी से जोड़ा धर्मांतरण का इकोसिस्टम
राजस्थान में उदयपुर सांसद मन्ना लाल रावत का दावा, आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण नेटवर्क सक्रिय है। गोवा से छुड़ाए गए बच्चों के बाद सांसद ने NIA-CBI जांच की मांग की।

समझें क्या है पूरा मामला

  • उदयपुर सांसद ने आदिवासी बच्चों की तस्करी से जोड़ा धर्मांतरण का इकोसिस्टम।
  • तमिलनाडु ले जाए जा रहे 7 बच्चे छुड़ाए, सांसद बोले- बड़ा नेटवर्क सक्रिय।
  • आदिवासी हिंदू नहीं जैसी मार्केटिंग, धर्मांतरण अधिकार बताने वाले नेता: रावत।
  • ऋषभदेव में 11 गिरफ्तार, नेपाल-पाकिस्तान कनेक्शन, NIA-CBI जांच की मांग।
  • फ्री शिक्षा के बहाने बच्चों को तमिलनाडु ले जा रहे थे, सनातन विरोधी बयानों पर सवाल।

गोवा से आदिवासी समाज के कुछ बच्चों को शनिवार शाम उदयपुर लाया गया। बाल कल्याण समिति की टीम इन बच्चों को साथ लेकर पहुंची थी। इसके बाद उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने एक वीडियो जारी किया।



उन्होंने दावा किया कि आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण से जुड़ा एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले की गहन जांच कराने की मांग की है।



बच्चों को कैसे बचाया गया?

सांसद के अनुसार इन बच्चों को अवैध रूप से तमिलनाडु ले जाया जा रहा था। उनका आरोप है कि यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला है। उनके अनुसार ऐसी घटनाएं क्षेत्र में पहले भी सामने आ चुकी हैं और लगातार सूचनाएं मिल रही हैं।



बाल कल्याण समिति की टीम दो दिन पहले गोवा पहुंची थी। वहां से कुल सात बच्चों को छुड़ाया गया। जानकारी के अनुसार इन बच्चों को पहले बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन से गोवा लाया गया था।



आगे इन्हें तमिलनाडु ले जाया जाना था, लेकिन इससे पहले ही रेलवे पुलिस ने इन्हें छुड़ा लिया। छुड़ाए गए बच्चों में दो लड़कियां और पांच लड़के शामिल हैं। इनकी उम्र 7 से 12 साल के बीच बताई गई है। सांसद का आरोप है कि इन बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाने के बहाने ले जाया जा रहा था।



सांसद का नेटवर्क को लेकर दावा

सांसद रावत ने ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानूवाड़ा में दर्ज एक एफआईआर ( First Information Report) का जिक्र किया। उनके अनुसार इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।



उन्होंने दावा किया कि इनमें एक व्यक्ति नेपाल और एक पंजाब से है। सांसद के अनुसार नेपाल के व्यक्ति के साथ एक पाकिस्तानी नागरिक भी था। उनका यह भी दावा है कि इस मामले से छत्तीसगढ़ के तीन लोग भी जुड़े हुए थे। यह पूरी जानकारी अभी सांसद के बयान पर आधारित है और आधिकारिक पुष्टि की जरूरत है।



विकास रोकने की कोशिश का आरोप

सांसद ने आरोप लगाया कि यह नेटवर्क क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को रोकने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि आदिवासियों को गरीब बनाए रखने के लिए लोभ-प्रलोभन दिए जाते हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन की सूचना मिलने का भी दावा किया।



सांसद के अनुसार डूंगरपुर के एक स्कूल और बांसवाड़ा के कलिंजरा क्षेत्र में भी पहले ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने एक संगठन का भी जिक्र किया, जो कथित तौर पर लोगों को भड़काने का काम करता है।



राजनीतिक मिलीभगत

सांसद ने एक राजनीतिक दल के नेता पर भी गंभीर आरोप लगाया। उनका दावा है कि कानूवाड़ा में एक नेता ने कहा कि धर्मांतरण एक अधिकार है। सांसद ने इसे बड़ी गलत बात बताया है।



हालांकि उन्होंने उस नेता या पार्टी का नाम स्पष्ट नहीं बताया। उनका यह भी आरोप है कि कुछ नई पार्टियां 'आदिवासी हिंदू नहीं हैं' जैसी बातों का प्रचार कर रही हैं।



उन्होंने इसे विकास की गति रोकने की कोशिश बताया। सांसद ने तमिलनाडु में सनातन धर्म को लेकर की गई एक पुरानी टिप्पणी का भी हवाला दिया और इस पूरे मामले को उससे जोड़कर देखने का संदेह जताया।



NIA-CBI जांच की मांग

सांसद रावत ने कहा कि जनगणना में अलग पहचान की मांग करने वाले कुछ लोग आदिवासियों पर सामान्य कानून लागू न होने की बात करते हैं। उनका कहना है कि इस पूरे नेटवर्क पर रोक लगनी चाहिए।



उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मामले की एनआईए (National Investigation Agency) और सीबीआई (Central Bureau of Investigation) से गहन जांच कराई जाए। सांसद के अनुसार इससे ही पूरे मामले की जड़ तक पहुंचा जा सकता है।



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