राजस्थान : दोनों हाथों से एक साथ गणित हल करने वाली ‘मैथ्स गर्ल’ वंशिका शर्मा कौन हैं?

Jyoti Mahender Bhardwaj | Sept 29, 2026, 11:10 IST
​20 साल की मैथ्स गर्ल​
झुंझुनूं की वंशिका शर्मा एक अद्वितीय प्रतिभा वाली छात्रा हैं, जो दोनों हाथों से गणना करने में माहिर हैं। उन्होंने 12 राष्ट्रीय और वैश्विक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं और इस समय आईआईटी मद्रास में डेटा साइंस की पढ़ाई कर रही हैं। बच्चों के लिए गणित को सरल बनाने हेतु उन्होंने 16 किताबें लिखने का कार्य किया है।

समझें पूरा मामला

  • वंशिका शर्मा झुंझुनूं के चिड़ावा की रहने वाली हैं और वर्तमान में आईआईटी मद्रास में डेटा साइंस की पढ़ाई कर रही हैं।
  • वह दोनों हाथों से एक साथ अलग-अलग गणितीय गणनाएं करने की अपनी क्षमता के लिए चर्चा में हैं।
  • उनके नाम 12 नेशनल और वर्ल्ड रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है।
  • वह बच्चों को गणित आसान तरीके से समझाने के लिए 16 किताबें लिख चुकी हैं।
  • मानसिक गणना, अबैकस, विजुअलाइजेशन और नियमित अभ्यास को गणितीय कौशल विकसित करने में मददगार माना जाता है।

जयपुर। क्लास में जब कोई बच्चा टीचर के पूरा सवाल लिखने से पहले ही उसका जवाब बता दे तो हर कोई हैरान रह जाता है। लेकिन राजस्थान की वंशिका शर्मा की गणितीय क्षमता इससे भी अलग है। वह एक ही समय में दोनों हाथों से अलग-अलग गणनाएं करने की क्षमता के लिए चर्चा में हैं।



25 सितंबर को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में वंशिका ने अपनी इस खास प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद थे। वंशिका ने बताया कि वह बिना कैलकुलेटर और कागज-पेन के मानसिक गणना कर सकती हैं और दोनों हाथों से एक साथ अलग-अलग गणितीय गणनाएं लिख सकती हैं।



कम उम्र में गणित में इस तरह की क्षमता के कारण वंशिका को ‘मैथ्स गर्ल’ के नाम से पहचान मिली है। उनके बारे में दावा किया जाता है कि वह अब तक 12 नेशनल और वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं।



कौन हैं वंशिका शर्मा?

वंशिका शर्मा मूल रूप से झुंझुनूं जिले के चिड़ावा की रहने वाली हैं। उनका जन्म 2006 में हुआ। उनकी इस प्रतिभा को निखारने में उनके माता-पिता मनोज कुमार शर्मा और वंदना शर्मा की अहम भूमिका रही है।



परिवार बाद में कोटा भी शिफ्ट हुआ, जहां वंशिका की पढ़ाई जारी रही। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने लगातार 95 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए वर्तमान में वंशिका आईआईटी मद्रास से डेटा साइंस की पढ़ाई कर रही हैं। गणित में उनकी रुचि के साथ-साथ वह बच्चों के बीच मानसिक गणना को आसान बनाने पर भी काम करती हैं।



दोनों हाथों से अलग-अलग गणना कैसे करती हैं?

एक ही समय में दोनों हाथों से अलग-अलग गणितीय गणनाएं करना सामान्य क्षमता नहीं है। इसमें मानसिक गणना, संख्या को दिमाग में विजुअलाइज करना, ध्यान केंद्रित रखना और लंबे समय तक किया गया अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।



वंशिका की क्षमता को समझने के लिए मेंटल एरिथमेटिक और अबैकस ट्रेनिंग को भी समझना जरूरी है। अबैकस सीखने के दौरान बच्चे धीरे-धीरे वास्तविक अबैकस के बजाय उसके मानसिक रूप की कल्पना करके गणना करना सीख सकते हैं। इसे आम तौर पर मेंटल अबैकस कहा जाता है।



लंबे समय तक अबैकस और मानसिक गणना का अभ्यास करने से कुछ बच्चों में गणना की गति और संख्याओं को मानसिक रूप से प्रोसेस करने की क्षमता बेहतर हो सकती है। हालांकि, वंशिका अपनी इस असाधारण क्षमता को किसी एक तकनीक का नतीजा बताने के बजाय इसे ईश्वर का उपहार भी मानती हैं।



गणित से डरने वाले बच्चों के लिए क्या कहती हैं वंशिका?

वंशिका का फोकस सिर्फ अपनी प्रतिभा दिखाने तक सीमित नहीं है। वह बच्चों के बीच गणित का डर कम करने की कोशिश भी करती हैं।



उनके अनुसार गणित को रटने वाले विषय की तरह नहीं, बल्कि एक खेल की तरह समझना चाहिए। लगातार अभ्यास और सही तरीके से सीखने पर बच्चे अपनी गणना की गति में सुधार कर सकते हैं।



वंशिका अब तक मैथ्स कैलकुलेशन से जुड़ी 16 किताबें लिख चुकी हैं। उनका मानना है कि बच्चों को कम उम्र से ही सही तरीके से गणित से जोड़ना फायदेमंद हो सकता है।



बच्चों की गणितीय क्षमता बढ़ाने के लिए वंशिका के टिप्स

1. अबैकस और मानसिक गणना से शुरुआत

वंशिका के अनुसार छोटी उम्र में बच्चों को अबैकस और मानसिक गणना से जोड़ना उपयोगी हो सकता है। इसका उद्देश्य बच्चों को संख्याओं को केवल कागज पर देखने के बजाय दिमाग में समझने और विजुअलाइज करने की आदत डालना है।



2. मोबाइल और रील्स का इस्तेमाल सीमित करें

बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित रखना जरूरी है। लगातार मोबाइल और शॉर्ट वीडियो देखने से पढ़ाई के दौरान ध्यान बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। इसलिए पढ़ाई, खेल और दूसरी गतिविधियों के बीच संतुलन रखना बेहतर है।



3. गणित को खेल की तरह सिखाएं

बच्चों पर गणित के सवाल रटने का दबाव डालने के बजाय रोजमर्रा की चीजों से जोड़कर समझाया जा सकता है। बाजार में सामान खरीदने, पैसों का हिसाब लगाने, खेल और पहेलियों के जरिए भी गणित सिखाया जा सकता है।



क्या हर बच्चा वंशिका जैसा बन सकता है?

वंशिका की क्षमता असाधारण है और हर बच्चे में बिल्कुल उसी स्तर की मानसिक गणना क्षमता विकसित होगी, ऐसा कहना सही नहीं होगा। हालांकि नियमित अभ्यास, सही प्रशिक्षण और गणित को समझने के बेहतर तरीकों से बच्चों की गणना और संख्या संबंधी कौशल में सुधार हो सकता है।



अबैकस या वैदिक गणित को किसी बच्चे की असाधारण क्षमता की गारंटी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बच्चों की सीखने की गति और क्षमता अलग-अलग होती है।

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