मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बत्ती गुल, एईएन समेत 2 सस्पेंड
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान भाजपा कार्यालय में रेल मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 13 मिनट में हुई थी तीन बार बिजली गुल।
- हीरापुरा 400 केवी GSS में ट्रिपिंग को मुख्य वजह बताया गया।
- करीब 13 मिनट तक मंत्री अंधेरे में ही मीडिया को संबोधित करते रहे।
- AEN और इलेक्ट्रिशियन सस्पेंड, XEN को चार्जशीट जारी की गई।
- जांच रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने के बाद RVPN ने कार्रवाई की।
जयपुर में भाजपा प्रदेश कार्यालय में 11 जून को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीन बार बिजली गुल हो गई। करीब 13 मिनट तक रेल मंत्री कैमरों की रोशनी में मीडिया को संबोधित करते रहे। यह कांफ्रेंस मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के लिए बुलाई गई थी।
बिजली अधिकारियों ने इस घटना के पीछे हीरापुरा स्थित 400 केवी GSS (Grid Sub Station) में ट्रिपिंग को वजह बताया। दो दिन बाद आई जांच रिपोर्ट के बाद AEN (Assistant Engineer) विपिन वर्मा व इलेक्ट्रीशियन बाबू सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। XEN (Executive Engineer) आर.पी. गुप्ता को चार्जशीट जारी की गई।
13 मिनट अंधेरे में बोलते रहे रेल मंत्री
11 जून को भाजपा प्रदेश कार्यालय में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मीडिया को संबोधित कर रहे थे। तभी हीरापुरा के 400 केवी ग्रिड सब स्टेशन में ट्रिपिंग हुई। देखते ही देखते पूरे कार्यालय में तीन बार बिजली चली गई। करीब 13 मिनट तक रेल मंत्री अंधेरे में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करते रहे।
यह नजारा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
ऊर्जा मंत्री ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मामले को गंभीरता से लिया। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में हीरापुरा GSS पर तैनात कर्मचारियों की साफ लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम (RVPN – Rajasthan Rajya Vidyut Prasaran Nigam) ने तत्काल कार्रवाई की।
दो सस्पेंड, एक को चार्जशीट
400 केवी GSS हीरापुरा में कार्यरत AEN विपिन वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इलेक्ट्रीशियन प्रथम बाबू सिंह को भी उसी समय सस्पेंड किया गया।
जयपुर सिटी के XEN आर.पी. गुप्ता को चार्जशीट जारी कर जवाब मांगा गया है।दोनों सस्पेंड कर्मचारियों का मुख्यालय अब अतिरिक्त मुख्य इंजीनियर (ACE – Additional Chief Engineer) आईटी, RVPN जयपुर कार्यालय कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों वहीं से संबद्ध रहेंगे।
ऊर्जा मंत्री की सख्त चेतावनी
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने साफ कहा कि बिजली प्रसारण व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और आम लोगों को होने वाली परेशानी पर उन्होंने नाराजगी जताई।
मंत्री ने अधिकारियों को ग्रिड और प्रसारण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बिजली व्यवस्था में जिम्मेदारी तय करने का यह सिलसिला आगे भी चलेगा।
सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि सरकार ने जिस तरह मंत्री के कार्यक्रम में बिजली गुल पर यह कदम उठाया, क्या वह प्रदेश में बिजली आपूर्ति को लेकर हो रही लापरवाही पर ऐसा कदम उठाएगी। मामला सोशल मीडिया पर गरमाया हुआ है।
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