रविंद्र सिंह भाटी के पेट्रोल छिड़कने पर PSO सस्पेंड, 25 दिन से धरने पर हैं भाटी
News In Short
- विधायक रविंद्र सिंह भाटी के PSO को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड किया गया।
- विधायक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया था।
- PSO नखतसिंह इस घटना को रोक नहीं पाए, जिसे प्रशासनिक स्तर पर बड़ी चूक माना गया।
- भाटी गिरल लिग्नाइट माइंस में मजदूरों के अधिकारों के लिए 25 दिनों से धरने पर बैठे हैं।
- विधायक की सुरक्षा में अब दूसरे PSO को तैनात कर दिया गया है।
News In Detail
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के 19 मई को पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग लगाने का प्रयास करने के मामले में बाड़मेर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने भाटी के PSO को सस्पेंड कर दिया है। विधायक बनने के बाद PSO (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) नखतसिंह को भाटी की सुरक्षा में तैनात किया गया था। अब उनकी जगह दूसरे PSO को तैनात किया गया है।
PSO ने बरती लापरवाही
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि विधायक के खुद पर पेट्रोल छिड़कने के दौरान PSO नखतसिंह ने लापरवाही बरती। वे इस घटना को रोक नहीं पाए। इसे गंभीरता से लेते हुए नखतसिंह को हटाकर भाटी की सुरक्षा में दूसरा PSO तैनात किया गया है।
बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि शिव विधायक के PSO को सस्पेंड कर उसकी जगह दूसरा PSO लगाया गया है।
25 दिनों से धरने पर बैठे हैं भाटी
बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस के सामने स्थानीय श्रमिकों और ग्रामीणों के अधिकारों को लेकर चल रहे आंदोलन में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को धरनास्थल पर बैठे हुए 25 दिन पूरे हो गए हैं। इस दौरान वे श्रमिकों के साथ ही धरना स्थल पर रात गुजार रहे हैं।
भीषण गर्मी, धूलभरी आंधियों और कठिन हालातों के बावजूद भाटी धरना स्थल पर डटे हुए हैं। वे धरना स्थल पर ही श्रमिकों से चर्चा कर रहे हैं और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास भी कर रहे हैं।
क्या था 19 मई का मामला?
19 मई को गिरल गांव में मजदूर रैली और जनसभा का आयोजन किया गया था। लेकिन प्रशासन और सरकार स्तर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इसके बाद विधायक भाटी के नेतृत्व में रैली कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर गई।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत बीएसएफ गेट पर बसें खड़ी कर दी गईं और उनकी रैली को रोकने का प्रयास किया गया। इसके बाद विधायक और उनके समर्थक पैदल आगे बढ़े और कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्ट्रेट परिसर में रविंद्र सिंह भाटी ने अचानक अपने बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली और उसमें से पेट्रोल खुद पर छिड़क लिया। वे मौजूद लोगों से खुद को आग लगाने के लिए माचिस की मांग भी करने लगे। इस दौरान उनके आसपास मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें ऐसा करने से रोक नहीं पाए। पेट्रोल डालने के बाद उन्हें रोका गया। इसे प्रशासनिक स्तर पर पुलिस की बड़ी चूक माना गया था।
वार्ता बेनतीजा रही, फिर लौटे धरने पर
इसके बाद विधायक भाटी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में कलेक्टर आईएएस चिन्मयी गोपाल, एसपी IPS चूनाराम जाट सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू हुई। करीब पांच घंटे तक चली बातचीत में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन कई बिंदुओं पर समाधान नहीं निकल सका और वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद विधायक भाटी एक बार फिर गिरल गांव में धरने पर लौट गए।
FAQ
- बाड़मेर जिला पुलिस ने शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के PSO नखतसिंह को किस आधार पर निलंबित किया है?
उन्हें 19 मई को कलेक्ट्रेट परिसर में विधायक द्वारा खुद पर पेट्रोल छिड़कने के दौरान सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरतने और घटना को न रोक पाने के कारण सस्पेंड किया गया है। - विधायक रविंद्र सिंह भाटी पिछले 25 दिनों से बाड़मेर के किस स्थान पर और किस मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं?
वे गिरल लिग्नाइट माइंस के सामने स्थानीय ग्रामीणों और श्रमिकों के रोजगार व विधिक अधिकारों को लेकर अनवरत धरने पर बैठे हैं। - 19 मई को कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक विंग के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद विधायक ने क्या कदम उठाया?
5 घंटे की वार्ता विफल रहने के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी अपने समर्थकों के साथ पुनः गिरल गांव में धरना स्थल पर लौट आए और आंदोलन जारी रखा।
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