मोबाइल पर दिखाया सुनहरा कछुआ, फिर ठग लिए 12 लाख रुपये, ऐसे फंसाते थे ग्राहक
News In Short
- अजमेर में सुनहरा कछुआ दिखाकर ठगों ने एक व्यक्ति से 12 लाख रुपये ठगे।
- ठगों ने दावा किया था कि सुनहरा कछुआ अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपये में बिकता है।
- ठगी के आरोप में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, बाकी की तलाश जारी है।
- आरोपी पहले भी दुर्लभ वस्तुओं के नाम पर ठगी कर चुके हैं।
- पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर ठगी का खुलासा किया।
News In Detail
Ajmer: राजस्थान के अजमेर जिले में ठगी का अनोखा मामला सामने आया है। यहां ठगों ने एक व्यक्ति को मोबाइल पर सुनहरा कछुआ (गोल्डन टर्टल) दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। गिरोह का तरीका था कि मोबाइल पर एक चमचमाते कछुए को दिखाना, फिर बताना कि यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपये में बिकता है। इसके बाद निवेश के नाम पर लोगों से पैसे लेना और गायब हो जाना।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना अजमेर जिले के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाले एक व्यक्ति को ठगों ने अपना शिकार बनाया। पीड़ित का नाम रसीद है, जो ब्यावर का निवासी है। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उससे 12 लाख रुपये की ठगी हुई है।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल के अनुसार जैसे ही शिकायत मिली, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी। जांच में पूरा खेल उजागर हो गया।
ठगों ने ऐसे बनाया शिकार
आरोपियों ने पीड़ित रसीद को एक मोबाइल पर सुनहरा कछुआ दिखाया। उन्होंने दावा किया कि यह कछुआ बेहद दुर्लभ है। इसकी चमकदार सुनहरी पीठ के कारण इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपये से भी अधिक है।
आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि अगर वह इस कछुए को खरीदने में 20 लाख रुपये का निवेश करेगा, तो उसे भारी मुनाफा होगा। आरोपियों ने कहा कि वे स्वयं इस सौदे में पीड़ित के साथ हैं। जल्द ही इसे एक बड़े खरीदार को बेचकर लाखों का मुनाफा बांट लेंगे।
कछुआ नहीं मिला तो ठगी का पता चला
इस लालच में आकर पीड़ित ने 12 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। उसे विश्वास था कि अब वह करोड़पति बनने वाला है। लेकिन असलियत कुछ और ही निकली। जब पीड़ित को लगा कि न तो कछुआ मिल रहा है, न कोई खरीदार आ रहा है, और न ही उसके पैसे वापस हो रहे हैं, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। उसने तुरंत रूपनगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई।
तीन गिरफ्तार, तलाश जारी
पुलिस ने शिकायत के बाद तेजी से काम किया। 11 अप्रैल 2026 को उसने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके नाम ताराचंद बावरिया (27 वर्ष), राहुल योगी (21 वर्ष) और रोहिताश बावरिया (24 वर्ष) हैं।ये तीनों जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से 3 लाख रुपये बरामद किए हैं। बाकी रकम की तलाश जारी है। साथ ही, गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है, जो इस धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं।
पुराने खिलाड़ी हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार यह गिरोह नया नहीं है। इससे पहले भी ये लोग दुर्लभ उल्लू, रेड मरकरी (एक कथित कीमती पारा) और अन्य दुर्लभ वस्तुओं के नाम पर ठगी कर चुके हैं। इनका तरीका हमेशा एक जैसा होता है मोबाइल पर कोई चकाचौंध करने वाला वीडियो या फोटो दिखाना। उस वस्तु को अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों का बताना। पीड़ित को निवेश के लिए उकसाना और पैसे लेने के बाद गायब हो जाना।
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