जेल में कैद हत्यारा 5 दिन तक थाईलैंड में मनाता रहा छुट्टियां, इधर जेल में सुबह-शाम लगती रही फर्जी हाजिरी

Ashish Bhardwaj | Nov 05, 2026, 12:00 IST
दीक्षांत कामरा और प्रेमिका प्रिया सेठ
राजस्थान की खुली जेलों की व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जयपुर के चर्चित दुष्यंत हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा दीक्षांत कामरा कथित तौर पर पांच दिन तक थाईलैंड घूम आया। इस दौरान जेल में उसकी हाजिरी लगती रही। पासपोर्ट पर विदेश यात्रा की तारीख 9 से 13 अक्टूबर 2025 दर्ज बताई जा रही है।

यह मामला तब सामले आया जब श्रीगंगानगर में दो दिन पहले दीक्षांत कामरा कार से 40 ग्राम अफीम बरामद होने की जानकारी मिली। जवाहर नगर थाने में इस संबंध में FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कोई नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।



पांच दिन तक जेल से बाहर कैसे रहा?

बताया जा रहा है कि दीक्षांत श्रीगंगानगर की खुली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। खुली जेल में बंदियों की नियमित हाजिरी होती है। ऐसे में पांच दिन तक बंदी के विदेश में रहने और जेल में उसकी मौजूदगी दर्ज होने का मामला जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।



सबसे बड़ा सवाल यह है कि विदेश यात्रा के दौरान उसकी हाजिरी किसने लगाई? क्या जेल अधिकारियों को इसकी जानकारी थी? अगर दीक्षांत जेल से अनुपस्थित था तो इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई? इस मामले में जेल कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।



दीक्षांत का पासपोर्ट वर्ष 2016 में जारी हुआ था। बताया गया है कि यह श्रीगंगानगर के पदमपुर स्थित उसके स्थायी पते पर बना था। वर्ष 2018 में गिरफ्तारी के बाद भी पासपोर्ट जब्त नहीं किया गया। नवंबर 2023 में आजीवन कारावास की सजा होने के बाद भी पासपोर्ट और विदेश यात्रा से जुड़े पहलुओं की जांच नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।



जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ ने कहा है कि खुली जेल के बंदी के अफीम के साथ पकड़े जाने और विदेश यात्रा की जानकारी मिली है। FIR दर्ज की गई है। जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।




2018 में दुष्यंत का अपहरण कर की थी हत्या

दीक्षांत कामरा का नाम वर्ष 2018 में जयपुर के दुष्यंत शर्मा हत्याकांड से चर्चा में आया था। पुलिस के मुताबिक, प्रिया सेठ ने डेटिंग ऐप के जरिए दुष्यंत से संपर्क किया और उसे मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद प्रिया, दीक्षांत और उनके साथी लक्ष्य वालिया ने दुष्यंत को बंधक बनाकर उसके पिता से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।



परिवार से तीन लाख रुपए मिलने के बाद भी आरोपियों ने दुष्यंत की हत्या कर दी। उसका गला घोंटा गया और पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर चाकू से वार किए गए। शव को सूटकेस में बंद कर आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया गया। जयपुर की अदालत ने 24 नवंबर 2023 को प्रिया सेठ, दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।




प्रेमिका प्रिया सेठ ने की थी जेल में साथी कैदी से शादी

इस हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ भी बाद में चर्चा में आई थी। प्रिया जयपुर की सांगानेर खुली जेल में उम्रकैद की सजा काट रही थी। वहां उसकी मुलाकात हनुमान प्रसाद से हुई। हनुमान प्रसाद भी 5 हत्या के जुर्म में उम्र कद की सजा काट रहा है। लेकिन जेल में प्रिया और हनुमान के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने शादी करने का फैसला किया।



राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने दोनों को 15 दिन की पैरोल दी थी। दोनों ने 23 जनवरी 2026 को शादी कर ली। हनुमान प्रसाद अलवर के उस हत्याकांड में दोषी है, जिसमें वर्ष 2017 में एक व्यक्ति और उसके परिवार के चार सदस्यों की हत्या हुई थी। इस मामले में उसकी तत्कालीन साथी संतोष शर्मा भी दोषी ठहराई गई थी।




इस पूरे घटनाक्रम ने जेल व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और पैरोल प्रक्रिया को लेकर बहस छेड़ दी थी। अब दीक्षांत की कथित विदेश यात्रा और अफीम बरामदगी ने एक बार फिर खुली जेलों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह साफ होना बाकी है कि विदेश यात्रा कैसे हुई, हाजिरी किसने लगाई और इस पूरे मामले में किन कर्मचारियों की भूमिका रही।

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