नरेश मीणा ने नगरफोर्ट थाने में किया सरेंडर, कोर्ट ने भेजा जेल
समझें क्या है पूरा मामला
- नरेश मीणा ने गुरुवार को नगरफोर्ट थाने में किया सरेंडर।
- कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
- उनकी जमानत शर्तों के उल्लंघन का मामला था।
- समरावता हिंसा केस के मुख्य आरोपी है नरेश मीणा ।
- पुलिस अब उनकी संपत्ति की जानकारी जुटा रही है।
राजस्थान के चर्चित SDM थप्पड़ कांड मामले में नरेश मीणा ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने गुरुवार दोपहर नगरफोर्ट पुलिस के सामने सरेंडर किया है।इसके बाद पुलिस उन्हें एससी-एसटी न्यायालय टोंक लेकर पहुंची। अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है ।
जमानत रद्द होने के बाद फैसला
नरेश मीणा को समरावता हिंसा मामले में राजस्थान हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। उन्हें 14 जुलाई 2025 को सशर्त जमानत दी गई थी। जमानत में कई शर्तें लगाई गई थीं। इनमें धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं होना और स्वागत कार्यक्रमों से दूरी रखेंगे।
जमानत शर्तों के उल्लंघन का आरोप
पुलिस के अनुसार नरेश मीणा ने जमानत शर्तों का उल्लंघन किया । आरोप है कि वह झालावाड़ के पीपलोदी स्कूल हादसे के बाद हुए आंदोलन में शामिल हुए थे। इसके बाद नगरफोर्ट थाना पुलिस ने कोर्ट में जमानत रद्द करने की याचिका लगाई थी। अदालत ने पुलिस की याचिका स्वीकार कर ली। कोर्ट ने उन्हें 6 अगस्त तक आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे।
क्या है समरावता हिंसा मामला
यह मामला देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव से जुड़ा है। 13 नवंबर 2024 को समरावता गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया था। ग्रामीण उनियारा उपखंड में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे।
SDM थप्पड़ कांड कैसे हुआ
आरोप है कि मतदान के दौरान विवाद बढ़ गया था। इस दौरान नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। 14 नवंबर को पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार किया था। 15 नवंबर को कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था।
60 लोगों पर दर्ज है केस
समरावता थप्पड़कांड मामले में नरेश मीणा समेत करीब 60 लोगों पर मामला दर्ज है। फिलहाल अन्य आरोपी जमानत पर हैं। मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
संपत्ति की जानकारी जुटा रही पुलिस
नरेश मीणा की चल-अचल संपत्ति की जानकारी भी जुटाई जा रही है। विशेष न्यायालय के निर्देश के बाद पुलिस ने यह प्रक्रिया शुरू की है। नगरफोर्ट पुलिस ने ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता को पत्र भेजा है। पुलिस ने संपत्ति का पूरा विवरण मांगा है। यह जानकारी न्यायालय में पेश की जाएगी।
प्रशासन रहा अलर्ट
नरेश मीणा के सरेंडर से पहले टोंक में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। समर्थकों की भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्क रहा। जिला कलक्टर टीना डाबी ने टोंक शहर, देवली और उनियारा क्षेत्र में धारा 163 लागू की थी।
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