SDM थप्पड़कांड में नरेश मीणा करेंगे सरेंडर, जमानत रद्द होने से गरमाई राजनीति

Mukesh Sharma | Aug 05, 2026, 14:33 IST
नरेश मीणा
राजस्थान के चर्चित एसडीएम थप्पड़कांड और समरावता हिंसा के मुख्य आरोपी नरेश मीणा जमानत रद्द होने के बाद गुरुवार को नगरफोर्ट थाने में सरेंडर करेंगे। जमानत शर्तों के उल्लंघन के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया था।

समझें क्या है पूरा मामला

  • टोंक के नगरफोर्ट थाने में गुरुवार को कोर्ट के निर्देश पर सरेंडर करेंगे नरेश मीणा।
  • जमानत की शर्तों के उल्लंघन के चलते एससी-एसटी मामलों की विशेष कोर्ट ने रद की थी जमानत।
  • समरावता हिंसा और एसडीएम थप्पड़कांड के मामले में हाईकोर्ट से मिली थी सशर्त जमानत।
  • स्थानीय पंचायत चुनावों से पहले इस कानूनी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हुई है।

राजस्थान के चर्चित एसडीएम थप्पड़कांड के आरोपी नरेश मीणा गुरुवार को टोंक की नगरफोर्ट थाने में सरेंडर करेंगे। एसटी-एससी मामलों की विशेष कोर्ट ने 13 जुलाई को नरेश मीणा की जमानत रद्ध करके सरेंडर करने को कहा था। सरेंडर करने के बाद पुलिस नरेश को कोर्ट में पेश करेगी। नरेश समर्थकों के अनुसार वह सुबह 9 बजे जयपुर से रवाना होकर करीब 11 बजे नगरफोर्ट पहुंचेंगे और थाने में सरेंडर करेंगे।



एसडीएम को थप्पड़ व हिंसा

13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव का मतदान था। समरावता गांव में वोटिंग के दिन नरेश मीणा ने उपखंड अधिकारी अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इसके बाद उनके समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया। वाहनों में आग लगा दी और नरेश मीणा को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया था। अगले दिन 14 नवंबर को नरेश मीणा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में 59 लोगों को नामजद किया था। 9 महीने बाद हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत पर रिहा किया था।



इसलिए रद्ध हुई जमानत

एसडीएम को थप्पड़ मारने व समरावता हिंसा के आरोपी नरेश मीणा को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। जमानत मिलने के बाद 25 जुलाई,2025 को झालावाड़ में एक स्कूल की इमारत गिरने से सात बच्चों की मौत हुई थी। नरेश मीणा इस घटना के विरोध में झालावाड़ में प्रदर्शन व धरने में शामिल हुए थे। इस मामले में भी उनकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने धरना प्रदर्शन करने और पुन: गिरफ्तारी को जमानत की शर्तों का उल्लंघन माना। नगरफोर्ट पुलिस ने एससी/एसटी कोर्ट में जमानत रद्ध करने की अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने पुलिस की अर्जी स्वीकार करते हुए नरेश की जमानत रद्द की थी।



नरेश मीणा


पंचायत चुनाव में बन सकता है मुद्धा

नरेश मीणा छात्र राजनीति से उभरे नेता हैं और राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ महासचिव रह चुके हैं। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर छबड़ा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। यहां उन्हें करीब 44 हजार वोट मिले। नरेश मीणा के समर्थकों का आरोप है कि सरकार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है और पंचायत चुनाव से पहले उन्हें जेल में रखकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। नरेश मीणा की अपने समुदाय में अच्छा समर्थन है।



अंता उप-चुनाव में दी थी कड़ी टक्कर

बांरा जिले की अंता विधानसभा सीट भाजपा विधायक को दो साल से ज्यादा की सजा होने के कारण रिक्त हुई थी। पिछले साल नवंबर में इस सीट पर उप-चुनाव हुए थे। कांग्रेस ने यहां से अपने दिग्गज प्रमोद जैन भाया को टिकट दिया था। नरेश मीणा ने इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। कांग्रेस यहां से जीत गई थी और नरेश मीणा तीसरे नंबर पर रहे थे। लेकिन, नरेश को 53,830 वोट मिले थे। यह दूसरे नंबर पर रहने वाले भाजपा उम्मीदवार से मात्र 159 वोट कम थे।



संपत्ति का रिकॉर्ड भी जुटा रही पुलिस

कोर्ट के निर्देश पर पुलिस नरेश मीणा की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा भी एकत्र कर रही है। इस संबंध में 20 जून को बारां जिले की ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता के सरपंच को पत्र भेजकर संपत्ति का विवरण मांगा था। नगरफोर्ट थाना इंचार्ज ने इसके लिए ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता के प्रशासक को एक पत्र भी लिखा है।



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