क्या समय रहते रुक सकता था NEET विवाद? टीचर की पुलिस ने नहीं सुनी गुहार!
News In Short
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में शुरुआत में सीकर पुलिस हरकत में नहीं आई थी।
एक कोचिंग शिक्षक ने शिकायत पुलिस से की, मगर उसने इस मामले को टाल दिया।
शिक्षक को मिले ‘गेस पेपर’ असली NEET प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।
बाद में शिक्षक ने एनटीए को शिकायत भेजी। उसकी सूचना पर एसओजी एक्टिव हुआ।
मामले की जांच अब CBI द्वारा की जा रही है। पांच लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी।
News In Detail
NEET UG 2026 परीक्षा में अनियमितताआं को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। परीक्षा खत्म होने के कुछ ही देर बाद एक शिक्षक सबूतों के साथ राजस्थान में सीकर के उद्योग नगर थाने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) टेस्टिंग एजेंसी का रुख किया। इसके बाद मामला राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) और फिर CBI तक पहुंचा। इस मामले में अब तक पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिससे जांच तेज हो गई है।
शिक्षक ने शिकायत
3 मई 2026 को NEET परीक्षा समाप्त होने के कुछ घंटों बाद रात करीब 1:30 बजे सीकर के एक बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट के शिक्षक उदयोग नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके हाथ में कुछ पन्ने थे और उन्होंने दावा किया कि NEET परीक्षा में गड़बड़ी हुई है।
बताया जाता है कि उस समय सीकर पुलिस एक वीआईपी दौरे में बिजी थी। उदयोग नगर थाना पुलिस ने इस शिकायत के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। लेकिन उन्होंने वीआईपी दौरे की तैयारी को देखते हुए इसे टालना ही उचित समझा।
उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक ने वहां मौजूद स्टाफ को पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें एक खाली कागज देकर लिखित शिकायत देने को कहा, लेकिन शिक्षक बिना शिकायत दिए वहां से चले गए।
‘गेस पेपर’ का रहस्य और कैसे हुआ वायरल
बताया गया कि परीक्षा के दिन शाम को शिक्षक को उनके मकान मालिक ने एक हस्तलिखित गेस पेपर दिखाया था। यह पेपर उनके बेटे ने केरल से भेजा था। जब शिक्षक ने उस पेपर को ध्यान से देखा और असली NEET प्रश्नपत्र से मिलान किया, तो उन्हें पता चला कि उसमें कई सवाल वही थे जो असली परीक्षा में पूछे गए थे। शिक्षक को इस बात से शक हुआ कि क्या कहीं पेपर लीक तो नहीं हुआ है।
क्या था शिक्षक की शिकायत में?
शिक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकारों से संपर्क किया, लेकिन पत्रकारों ने उनकी बात पर ज्यादा ध्यान में नहीं दिया। फिर उन्होंने अपने कोचिंग इंस्टीट्यूट के मालिक को इस बात की शिकायत की।
शिक्षक ने कोचिंग इंस्टीट्यूट के मालिक का साथ लेकर 7 मई की रात करीब 9:30 बजे शिक्षक ने NTA को अपनी शिकायत भेजी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके पास करीब 60 पन्नों की एक PDF फाइल है, जिसमें केमिस्ट्री के लगभग 90 सवाल और बायोलॉजी के कई सवाल लिखे हुए थे।
शिक्षक ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा कि वह जांच में पूरी तरह से सहयोग देने को तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर अपना मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए सौंप सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए।
जांच में शिक्षक को मिली क्लीन चिट
सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में शिक्षक के खिलाफ कोई गलत बात सामने नहीं आई। जांच एजेंसियों ने माना कि शिक्षक को यह कथित ‘गेस पेपर’ परीक्षा के बाद मिला था, इसलिए उनकी भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और केंद्रीय एजेंसियों की मदद से यह मामला CBI तक पहुंचा।
CBI जांच और पेपर लीक नेटवर्क की तलाश
NTA द्वारा केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट किए जाने के बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू की। इसके बाद मामला CBI को सौंपा गया, जो अब पूरे नेटवर्क और संभावित पेपर लीक कनेक्शन की जांच कर रही है।
इस मामले में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पेपर लीक करने वाले तत्व कौन हैं और यह कितने बड़े पैमाने पर फैला हुआ है।
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