परीक्षा के डर से छात्र ने रची दी खुद के अपहरण की साजिश, AI से बनाया फर्जी वीडियो
News In Short
- कोटा में NEET-UG Exam के तनाव से बचने के लिए एक छात्र ने फर्जी अपहरण की रची साजिश।
- छात्र ने AI का इस्तेमाल कर फर्जी अपहरण का वीडियो बना सोशल मीडिया पर किया वायरल।
- परिजनों ने वीडियो देखकर पुलिस को दी सूचना, जिसके बाद छात्र को कुछ घंटों में किया बरामद।
- पुलिस ने छात्र से पूछताछ के बाद पाया कि उसने परीक्षा से बचने के लिए उठाया यह कदम।
News In Detail
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG का दबाव छात्रों पर किस कदर हावी है। इसका एक उदाहरण कोचिंग सिटी कोटा में सामने आया। यहां एक नाबालिग छात्र ने परीक्षा के तनाव से बचने के लिए खुद के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली। इस फर्जी ड्रामे को सच दिखाने के लिए छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया और एक वीडियो बनाया, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके चलते पुलिस और परिजनों में हड़कंप मच गया।
AI से तैयार किया 'फर्जी' वीडियो
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियति शर्मा ने बताया कि यह छात्र पिछले दो सालों से कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रहा था। वह किसी कोचिंग संस्थान के बजाय सेल्फ स्टडी कर रहा था। जब परीक्षा का दिन आया, तो छात्र ने खुद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस वीडियो में ऐसा लग रहा था कि उसका अपहरण हो गया है। यह वीडियो देखने के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और उन्हें चिंता हो गई कि उनका बच्चा मुसीबत में है।
महज कुछ घंटों में खुला राज
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत तकनीकी संसाधनों और साइबर सेल की मदद ली। छात्र की लोकेशन को ट्रैक किया गया, और उसे कुछ घंटों में सुरक्षित बरामद कर लिया गया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो छात्र ने सच्चाई का खुलासा किया। उसने स्वीकार किया कि उसने AI तकनीक का इस्तेमाल किया था ताकि उसके परिजन यह समझें कि वह मुसीबत में है और इसलिए वह परीक्षा में हिस्सा नहीं लेना चाहता था। छात्र का कहना था कि वह परीक्षा के लिए तैयार नहीं था और फेल होने के डर से उसने यह कदम उठाया।
मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील
इस घटना के बाद, कोटा सिटी SP तेजस्विनी गौतम ने हॉस्टल संचालकों और अभिभावकों को कड़े निर्देश दिए हैं। एसपी ने कहा कि परीक्षाओं के दौरान बच्चों की मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों के मानसिक तनाव को समझें, उनके साथ समय बिताएं, और यह भरोसा दिलाएं कि एक परीक्षा उनके जीवन से बड़ी नहीं होती।
सहायता और काउंसलिंग पर जोर
कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने भी सभी हॉस्टल संचालकों को SOP (Standard Operating Procedure) जारी करते हुए नियमित काउंसलिंग पर जोर दिया है। वर्तमान में पुलिस छात्र के माता-पिता के साथ मिलकर उसकी काउंसलिंग कर रही है, और बाद में उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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