NEET UG के छात्रों को सरकार ने दी बड़ी राहत, MBBS सीटों में होगी बंपर बढ़ोतरी

Ashish Bhardwaj | Apr 29, 2026, 12:15 IST
Photograph: (the sootr)
NEET UG के छात्रों के लिए बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने मेडिकल कॉलेज और MBBS की सीटों से जुड़े नियमों को आसान कर दिया है। अब नए नियमों से MBBS सीटों की संख्या बढ़ जाएगी।

News In Short

  • सरकार ने मेडिकल शिक्षा में बदलाव करते हुए MBBS सीटों की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी है।
  • अब मेडिकल कॉलेज 200 या 250 सीटों के साथ भी खुल सकेंगे, सीटों की सीमा हटा दी गई है।
  • कॉलेज और अस्पताल के बीच दूरी के नियमों में भी बदलाव किया गया, अब 10 किलोमीटर तक की अनुमति है।
  • 10 लाख आबादी पर 100 सीटों का नियम हटा, जिससे राज्य सरकारों को सीटें बढ़ाने में स्वतंत्रता मिली।
  • नए नियमों से मेडिकल शिक्षा में वृद्धि होगी और छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे।

News In Detail

NEET-UG की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक राहत देने वाली खबर आई है। सरकार ने मेडिकल एजुकेशन से जुड़े कुछ बड़े नियमों में बदलाव किए हैं। इसके चलते MBBS सीटों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। अब तक सीटों की कमी और अधिक प्रतिस्पर्धा के कारण कई छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाता था, लेकिन नए नियमों के बाद यह स्थिति बदल सकती है।



MBBS सीटों की सीमा हटेगी

अब तक किसी भी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीटों की संख्या 150 तक ही सीमित थी, लेकिन नए नियमों के तहत इस सीमा को हटा दिया गया है। अब कॉलेज अपनी सुविधाओं के अनुसार सीटों की संख्या बढ़ा सकेंगे। नए मेडिकल कॉलेज सीधे 200 या 250 सीटों के साथ भी शुरू हो सकते हैं। इससे सीटों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी।



यह बदलाव उन छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो कम सीटों के कारण मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने में असमर्थ रहते थे।



कॉलेज के बीच दूरी के नियम में भी बदलाव

सरकार ने कॉलेज और अस्पताल के बीच की दूरी से जुड़े नियमों को भी सरल बना दिया है। पहले इन संस्थानों के बीच की दूरी शहरों में 20 किलोमीटर और पहाड़ी इलाकों में 30 किलोमीटर तक निर्धारित की गई थी। अब इस नियम को बदलते हुए, सरकार ने इसे मैदान इलाकों में 10 किलोमीटर और पहाड़ी इलाकों में 15 किलोमीटर तक कर दिया है। इससे छोटे शहरों और कस्बों में मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया अब आसान हो जाएगी।



आबादी आधारित सीट

पहले 10 लाख आबादी पर 100 MBBS सीटों का नियम लागू था, जिसे अब हटा दिया गया है। इससे राज्य सरकारों को अपने इलाके की जरूरत के हिसाब से कॉलेज और सीटों की संख्या बढ़ाने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। जहां पर अधिक डिमांड है, वहां अब तेजी से नए मेडिकल कॉलेज खोले जा सकेंगे, जिससे छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे।



मेडिकल कॉलेज खोलना होगा आसान

पहले मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए बहुत बड़ी जमीन और कई सख्त शर्तें होती थीं। शहरों में जगह की कमी भी एक बड़ी समस्या थी। अब नए नियमों के तहत इन दिक्कतों को काफी हद तक कम कर दिया गया है, जिससे मेडिकल कॉलेज खोलना आसान होगा। इस बदलाव से मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विकास होगा, और हेल्थ सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी।



छात्रों के लिए नए अवसर

सबसे बड़ा फायदा छात्रों को होगा, क्योंकि अब उनके पास ज्यादा मेडिकल कॉलेजों और सीटों के विकल्प होंगे। इससे उन्हें प्रतिस्पर्धा के बावजूद अपनी पसंद के कॉलेज में प्रवेश पाने का बेहतर मौका मिलेगा।



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