Rajasthan Fertilizer Guidelines: खाद बांटने में सहकारी समितियों को मिलेगी प्राथमिकता, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

Jageshwar Prasad | Oct 26, 2026, 14:48 IST
रबी सीजन से पहले सरकार ने बदली खाद वितरण की व्यवस्था।
राजस्थान सरकार ने किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने के मकसद से वितरण से जुड़ी नई गाइडलाइन जारी की है। नई व्यवस्था के तहत कृषि विभाग हर जिले का खाद कोटा तय करेगा। कंपनियां अपनी मर्जी से सप्लाई में बदलाव नहीं कर सकेंगी। खाद बांटने में सहकारी समितियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

राजस्थान में रबी फसलों की बुवाई का दौर शुरू हो चुका है और इसे देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों तक समय पर और सुगम तरीके से खाद पहुंचाने के लिए नई वितरण गाइडलाइन जारी की है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी और निजी विक्रेताओं तथा कंपनियों की मनमानी पर प्रभावी लगाम लगेगी। नई व्यवस्था के तहत अब जिलों के कोटे से लेकर आपूर्ति तक का पूरा नियंत्रण कृषि विभाग के पास होगा।



हर जिले का कोटा तय करेगा कृषि विभाग

नई गाइडलाइन के अनुसार, अब राज्य के प्रत्येक जिले के लिए खाद का कोटा कृषि विभाग (Department of Agriculture) द्वारा तय किया जाएगा। कोटा निर्धारित करने के लिए विभाग पिछले चार सालों के औसत रकबे (Area) और खाद की खपत के आंकड़ों को आधार बनाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मांग के अनुरूप सही मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके।




कंपनियों की मर्जी से सप्लाई पर रोक

अक्सर यह शिकायतें मिलती थीं कि खाद कंपनियां अपनी मर्जी से किसी भी जिले या डीलर को सप्लाई में बदलाव कर देती हैं। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब ऐसा नहीं हो पाएगा।



कृषि और सहकारिता विभाग (Department of Agriculture and Cooperation) फसल चक्र और स्थानीय मांग के आधार पर जो कार्ययोजना बनाएंगे, कंपनियों को उसी के अनुसार माल भेजना होगा। यदि आपूर्ति में किसी भी प्रकार का फेरबदल करना जरूरी हो, तो कृषि विभाग के अधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, कंपनियों को रैक के आने-जाने और स्टॉक की हर जानकारी समय पर पोर्टल पर देनी होगी।




सहकारी समितियों को मिलेगी पहली प्राथमिकता

सरकारी आदेश के मुताबिक, खाद वितरण के दौरान प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का यह कदम किसानों को बिचौलियों से बचाने और सरकारी रेट पर आसानी से खाद उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है। इससे बुवाई के पीक सीजन में सहकारी केंद्रों पर डीएपी (DAP) की कमी से जुड़ी शिकायतों में खासी कमी आने की उम्मीद है।




नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई गाइडलाइन का पालन सख्ती से कराया जाएगा। नियमों को तोड़ने या मनमानी करने वाली किसी भी फर्टिलाइज़र कंपनी, संबंधित अधिकारी या निजी विक्रेता के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




FAQs

  1. राजस्थान में नई खाद वितरण गाइडलाइन क्या है?
    राजस्थान सरकार ने खाद वितरण में पारदर्शिता लाने और कृषि विभाग द्वारा नियंत्रित करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत अब प्रत्येक जिले का खाद का कोटा कृषि विभाग द्वारा तय किया जाएगा।
  2. राजस्थान की नई खाद वितरण व्यवस्था से किसानों को क्या लाभ होगा?
    नई व्यवस्था के तहत किसानों को बिचौलियों से बचाया जाएगा, जिससे उन्हें आसानी से सरकारी रेट पर खाद प्राप्त हो सकेगा। इससे बुवाई के पीक सीजन में खाद की कमी की शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।
  3. राजस्थान की नई खाद वितरण गाइडलाइन के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई होगी?
    नई गाइडलाइन का पालन न करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें फर्टिलाइज़र कंपनियों, संबंधित अधिकारियों और निजी विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।
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