क्या SMS स्टेडियम में नहीं होंगे आईपीएल मैच, एनजीटी ने अत्यधिक भूजल दोहन पर 6 क्रिकेट स्टेडियमों को जारी किए नोटिस
News In Short
एनजीटी ने पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी पर 6 बड़े क्रिकेट स्टेडियमों को जारी किया नोटिस।
नोटिस वाले स्टेडियमों में जयपुर, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, कटक और रायपुर स्टेडियम शामिल।
अलवर के सामजिक कार्यकर्ता हैदर अली की आरटीआई के बाद की गई कार्रवाई।
एनजीटी ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की अपील।
जयपुर में सवाई मानसिंह स्टेडियम में आईपीएल मैचों पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल।
News In Detail
क्रिकेट स्टेडियमों में पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी और भूजल के अत्यधिक दोहन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने स्पष्ट रूप से कहा कि खेल के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनजीटी ने जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium), दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, कटक और रायपुर के क्रिकेट स्टेडियमों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस प्राप्त करने वाले स्टेडियम
एनजीटी के इस फैसले से जयपुर, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, कटक और रायपुर के प्रमुख स्टेडियम प्रभावित हुए हैं। जिन स्टेडियमों को नोटिस जारी किया गया, वे हैं:
सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम, जयपुर
अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली
डीवाई पाटिल स्टेडियम, मुंबई
इकाना स्टेडियम, लखनऊ
बाराबती स्टेडियम, कटक
शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम, रायपुर
सामाजिक कार्यकर्ता की याचिका पर कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई अलवर के सामाजिक कार्यकर्ता हैदर अली की आरटीआई से मिली जानकारी के बाद हुई है। आरटीआई के जरिए पता चला कि इन स्टेडियमों ने न तो एनजीटी के पुराने आदेशों का पालन किया और न ही सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (CGWA) को अपनी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की। सीजीडब्ल्यूए ने 27 मार्च और 7 अप्रैल 2026 को ईमेल भेजकर जानकारी मांगी थी, लेकिन स्टेडियम प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
आईपीएल मैचों पर संकट
एनजीटी के इस निर्णय का असर जयपुर में होने वाले आईपीएल मैचों पर पड़ सकता है। सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेले जाने हैं। राजस्थान रॉयल्स के SMS क्रिकेट स्टेडियम 4 मैच बाकी है। यदि एनजीटी के आदेशों का पालन नहीं किया जाता है, तो आगामी मैचों में इस स्टेडियम की भागीदारी पर सवाल उठ सकते हैं।
जल संरक्षण की आवश्यकता
एनजीटी ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। खेल मैदानों के रखरखाव के नाम पर जिस तरह से भूजल का अत्यधिक उपयोग हो रहा है, वह भविष्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
ट्रिब्यूनल ने स्टेडियमों से यह सवाल पूछा है कि वे मैदान की सिंचाई के लिए शोधित जल का उपयोग क्यों नहीं कर रहे हैं। अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्रभावी ढंग से क्यों लागू नहीं किया गया है।
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