रितु बराला से मारपीट पर राहुल गांधी ने कहा-ये शेरनी है, राष्ट्रीय सचिव बोली-प्राइवेट पार्ट पर मारा
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI के प्रदर्शन के दौरान हंगामा हो गया। मंगलवार को कनॉट प्लेस स्थित राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी दौरान NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच बस में मारपीट हो गई। घटना के वीडियो सामने आए हैं। इनमें दोनों एक-दूसरे के बाल खींचती और हाथापाई करती नजर आ रही हैं।
राहुल गांधी ने कहा शेरनी
दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला ने पुलिस के साथ हुई मारपीट की घटना बताई। राहुल गांधी ने रितु की ओर इशारा करते हुए उन्हें ‘शेरनी’ कहा। उन्होंने बताया कि जब रितु से पूछा गया कि क्या उन्हें डर लगा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें डर नहीं लगा।
रितु बराला ने आरोप लगाया कि NSUI के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें बसों में भरकर ले जाया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें सड़क पर घसीटा और शरीर के निजी हिस्सों पर भी चोट पहुंचाई। रितु ने कहा, “मैंने कहा कि जितना मारना है, मारो।”
बस में हुई थी हाथापाई
जानकारी के अनुसार, NSUI कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। रितु बराला को भी पुलिस बस में बैठाकर ले जा रही थी। इसी दौरान उनकी एक महिला पुलिसकर्मी से बहस हो गई।
बहस के बाद हाथापाई
बहस बढ़ने के बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों एक-दूसरे के बाल खींचती और मारपीट करती दिखाई देती हैं। वीडियो में बस के अंदर अन्य प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी भी नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया।
हालांकि, विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और पहले हाथ किसने उठाया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। घटना से जुड़े वीडियो की जांच और संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति साफ हो सकेगी।
वीडियो आने के बाद कांग्रेस ने जताया विरोध
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस और NSUI नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। NSUI ने महिला कार्यकर्ता के साथ हुई मारपीट को शर्मनाक बताया है।
विनोद जाखड़ ने लगाए अमानवीय व्यवहार के आरोप
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारी छात्राओं के साथ कठोर और अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया। जाखड़ ने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने वीडियो के साथ लिखे संदेश में दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्राओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। ये आरोप NSUI अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
NSUI ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
NSUI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी घटना को लेकर बयान जारी किया। संगठन के अनुसार, उसके कार्यकर्ता राजीव चौक पर कथित वोट चोरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। संगठन ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और महिला कार्यकर्ता से भी दुर्व्यवहार हुआ।
NSUI ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिला कार्यकर्ताओं के साथ ऐसे व्यवहार को गलत बताया। संगठन ने मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
NSUI का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया।
इससे पहले भी दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने को लेकर विवाद सामने आए हैं। मौजूदा मामले में भी NSUI ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी
फिलहाल, रितु बराला और महिला पुलिसकर्मी के बीच हुई मारपीट को लेकर NSUI और कांग्रेस नेताओं के आरोप सामने आए हैं। घटना के पूरे क्रम, विवाद की शुरुआत और दोनों पक्षों की भूमिका को लेकर दिल्ली पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना जरूरी है। वीडियो की जांच और संबंधित लोगों के बयान से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बस में विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा।
घटना ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मामले की जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारी तय करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।