खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़े, प्याज,तेल व अंडे सबसे महंगे, टमाटर-आलू सस्ते
समझें क्या है पूरा मामला
- खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़े,प्याज,तेल व अंडे सबसे महंगे,टमाटर-आलू सस्ते
- बीते एक साल में प्याज की खुदरा कीमतों में 25.43% का उछाल।
- सूरजमुखी, पॉम, सोया तेल और अंडों के दामों में 11% से 18% तक की बड़ी वृद्धि हुई।
- टमाटर,आलू,जीरा और चना दाल की कीमतों में गिरावट से आम जनता को राहत मिली।
- राज्यसभा सांसद नीरज डांगी के सवाल पर केंद्र सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी किए।
देश में बीते एक साल के भीतर प्याज, सूरजमुखी के तेल, पॉम ऑयल, अंडे और मसालों की खुदरा कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां प्याज की कीमतों में 25.43% की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, वहीं सूरजमुखी और पॉम तेल के दाम भी 14% से 18% तक बढ़ गए हैं।
यह जानकारी राज्यसभा में सांसद नीरज डांगी के सवाल के जवाब में उपभोक्ता मामले,खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बी.एल.वर्मा ने सरकार की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के माध्यम से दी।
सरकार के जवाब के अनुसार देश भर के 579 मूल्य निगरानी केंद्रों से 41 खाद्य वस्तुओं की दैनिक कीमतों की निगरानी की जाती है। वर्ष 2025-26 में 3,765.63 लाख टन के रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन के कारण अनाज और दालों की कीमतें काफी हद तक स्थिर रही हैं। वहीं, खाद्य तेलों के अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर होने और उत्पादन में मौसमी बदलावों की वजह से कुछ वस्तुओं में तेजी देखी गई है।
आवश्यक वस्तुओं में मूल्य परिवर्तन-उच्चतम से न्यूनतम (वर्ष-दर-वर्ष)
28 जुलाई 2025 से 28 जुलाई 2026 के बीच दैनिक औसत खुदरा कीमतों में दर्ज किए गए प्रतिशत परिवर्तन की रैंकिंग (सर्वोच्च वृद्धि से सबसे बड़ी गिरावट की ओर)
सबसे अधिक मूल्य वृद्धि वाली वस्तुएं (10% से अधिक वृद्धि):-
प्याज: +25.43% (27.96 से बढ़कर 35.07 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
सूरजमुखी का तेल (पैकबंद): +18.03% (160.49 से बढ़कर 189.42 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
पॉम तेल (पैकबंद): +14.09% (130.16 से बढ़कर 148.50 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
अंडा: +12.50% (77.19 से बढ़कर 86.84 रुपए प्रति दर्जन)
धनिया (साबुत) :+12.17% (37.06 से बढ़कर 41.57 रुपए प्रति 250 ग्राम)
सोया तेल (पैकबंद): +11.69% (147.00 से बढ़कर 164.19 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
मध्यम मूल्य वृद्धि (5% से 10% तक वृद्धि):-
मूँगफली का तेल (पैकबंद): +9.16% (188.46 से बढ़कर 205.73 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
सरसों तेल (पैकबंद): +7.26% (183.15 से बढ़कर 196.44 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
लाल मिर्च (साबुत): +6.98% (27.80 से बढ़कर 29.74 रुपए प्रति 100 ग्राम)
गुड़: +6.60% (55.89 से बढ़कर 59.58 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
चीनी: +6.55% (45.95 से बढ़कर 48.96 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
वनस्पति (पैकबंद): +5.97% (156.18 से बढ़कर 165.51 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
उड़द दाल: +5.46% (114.85 से बढ़कर 121.12 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
चावल: +5.18% (42.68 से बढ़कर 44.89 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
हल्की मूल्य वृद्धि (0% से 5% तक वृद्धि):-
देशी घी: +4.68% (662.57 से बढ़कर 693.57 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
रागी (साबुत): +4.01% (53.32 से बढ़कर 55.46 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
नमक (आयोडीनयुक्त): +3.14% (21.34 से बढ़कर 22.01 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
दूध: +3.12% (59.05 से बढ़कर 60.89रुपए प्रति लीटर)
तूर/अरहर दाल: +2.97% (119.54 से बढ़कर 123.09 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
ज्वार (साबुत): +2.95% (43.34 से बढ़कर 44.62 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
हल्दी (पाउडर): +2.47% (16.18 से बढ़कर 16.58 रुपए प्रति 50 ग्राम)
मसूर दाल: +2.21% (88.41 से बढ़कर 90.36 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
चाय (खुली): +1.98% (270.54 से बढ़कर 275.89 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
सूजी: +1.92% (46.24 से बढ़कर 47.13 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
मैदा: +1.84% (41.41 से बढ़कर 42.17 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
मक्खन (पाश्चराइज़्ड): +1.29% (59.04 से बढ़कर 59.80 रुपए प्रति 100 ग्राम)
बाजरा (साबुत): +1.11% (37.80 से बढ़कर 38.22 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
काली मिर्च (साबुत): +1.05% (87.21 से बढ़कर 88.13 रुपए प्रति 100 ग्राम)
आटा (गेहूँ): +1.03% (36.76 से बढ़कर 37.14 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
केला: +0.93% (49.61 से बढ़कर 50.07 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
मूंग दाल: +0.92% (110.69 से बढ़कर 111.71 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
बैंगन: +0.60% (43.03 से बढ़कर 43.29 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
गिरावट दर्ज करने वाली वस्तुएं (कीमतों में कमी):-
गेहूँ: - 0.22% (31.40 से घटकर 31.33 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
चना दाल: - 0.30% (86.71 से घटकर 86.45 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
बेसन: - 0.31% (96.51 से घटकर 96.21 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
जीरा (साबुत): - 2.61% (42.10 से घटकर 41.00 रुपए प्रति 100 ग्राम)
आलू: -11.11% (25.65 से घटकर 22.80 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
टमाटर: -11.42% (44.99 से घटकर 39.85 रुपए प्रति कि.ग्रा.)
सरकार का रुख और नियंत्रण के उपाय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति बाजार के रुझानों की नियमित समीक्षा करती है। कृषि और बागवानी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए घरेलू उत्पादन में वृद्धि और आयात-निर्यात नीतियों के युक्तिकरण जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं।
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