ऑपरेशन विषनहस: नेपाल में छिपा 75 हजार का इनामी सोहनलाल गिरफ्तार, टॉप-25 ड्रग्स अपराधियों में था शामिल

Ashish Bhardwaj | Oct 10, 2026, 17:57 IST
तस्कर सोहनलाल को किया गिरफ्तार
राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने तस्कर सोहनलाल को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी पिछले छह सालों से फरार था। सोहनलाल अवैध शराब और नशे के पदार्थों की तस्करी में शमिल था। पुलिस के अनुसार उसे नेपाल से भूटान भागने की कोशिश कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से नशा तस्करी पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

राजस्थान में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने छह साल से फरार इनामी तस्कर सोहनलाल उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 75 हजार का यह इनामी नेपाल में छिपकर तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। टीम काठमांडू तक पहुंची और आखिरकार बिहार के रक्सौल बॉर्डर पर उसे दबोच लिया।



6 साल से फरार था इनामी तस्कर

राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) ने इस गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी बताया है। देश से बाहर छिपे फरार इनामी तस्कर को पकड़ना आसान नहीं था। पुलिस के मुताबिक सोहनलाल बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसका गांव भारते की बेरी है। उस पर मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं।



ऑपरेशन विषनहस

यह एएनटीएफ (ANTF – Anti Narcotics Task Force) की कार्रवाई महानिरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में हुई। इसे 'ऑपरेशन विषनहस' नाम दिया गया। ANTF Rajasthan की टीम लंबे समय से उसकी तलाश में थी।



शराब से शुरू हुआ अपराध

पुलिस के मुताबिक सोहनलाल ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद वह गलत संगत में पड़ गया और शराब की लत लग गई। जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने 2016 में अवैध शराब की तस्करी शुरू की। बालोतरा क्षेत्र में उस पर आबकारी कानून के तहत दो मामले दर्ज हुए।



एक मामले में गिरफ्तारी के बाद वह करीब एक महीना बाड़मेर जेल में रहा। पुलिस का दावा है कि जेल से छूटकर उसने शराब छोड़ दी। फिर ज्यादा मुनाफे के लिए अफीम और डोडा-चूरा (अफीम के पौधे का सूखा भूसा) की तस्करी शुरू कर दी।




एमपी से पंजाब तक नेटवर्क

जांच एजेंसी के अनुसार शुरुआत में सोहनलाल ने बाड़मेर के एक तस्कर के साथ काम किया। बाद में उसने अपना अलग नेटवर्क खड़ा कर लिया। वह मध्य प्रदेश के नीमच से माल जुटाता था। राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा से भी डोडा-चूरा की खेप उठाता था। फिर साथियों के जरिए यह माल मारवाड़ और पंजाब के तस्करों तक पहुंचता था।



2020 के बाद शहर-शहर ठिकाने

2020 में जालोर जिले के चितलवाना थाने में एनडीपीएस (NDPS – Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट में केस दर्ज हुआ। इसके बाद वह फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने राजस्थान छोड़ दिया। वह मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश में ठिकाने बदलता रहा। पुलिस से बचने के लिए उसने मोबाइल का इस्तेमाल भी कम कर दिया था।



नेपाल से चल रहा था नेटवर्क

एएनटीएफ के गठन के बाद तस्करों पर सख्ती बढ़ी। इसके बाद सोहनलाल अक्टूबर 2025 में नेपाल चला गया। पुलिस के मुताबिक वह काठमांडू में रहकर राजस्थान के साथियों से संपर्क में था। वहीं से वह तस्करी का पूरा नेटवर्क चला रहा था।



पंजाब का खरीदार बनकर पहुंची टीम

तकनीकी सुराग नहीं मिलने पर टीम ने अलग रणनीति बनाई। टीम ने खुद को पंजाब का बड़ा मादक पदार्थ खरीदार बताया। इसी पहचान से आरोपी के साथियों से संपर्क किया गया। बड़ी डील की बात आई, तो साथियों ने कहा कि इसके लिए सरगना से मिलना होगा। उन्होंने बताया कि सरगना नेपाल में रहता है।



पशुपतिनाथ मंदिर में भेष बदला

टीम को सूचना मिली कि सोहनलाल काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में नियमित दर्शन करने आता है। पहचान पुख्ता करने के लिए टीम के कुछ सदस्य माला बेचने वाले बन गए। कुछ ने तिलक लगाने वाले का भेष बनाया। बाकी सदस्य श्रद्धालुओं की तरह निगरानी करते रहे।



संदिग्ध की पहचान होने के बाद टीम ने उससे मुलाकात की। उसे बड़ी रकम मिलने का भरोसा दिया गया। सोचिए, जो छह साल तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा, वह लालच में खुद जाल तक चला आया।



रक्सौल बॉर्डर पर गिरफ्तारी

टीम ने बताया कि एडवांस रकम भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल में दी जाएगी। पुलिस के अनुसार रकम के लालच में सोहनलाल रक्सौल पहुंचा। भारतीय सीमा में आते ही टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।




भूटान भागने की थी तैयारी

पुलिस का दावा है कि सोहनलाल नेपाल में भी खुद को सुरक्षित नहीं मान रहा था। वह 10 अक्टूबर को भूटान जाने की तैयारी में था। इससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया। आईजी विकास कुमार ने कार्रवाई में शामिल टीमों को सम्मानित करने की बात कही है।




आप भी दे सकते हैं सूचना

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि तस्करी से जुड़ी जानकारी साझा करें। अगर आपके पास किसी अपराधी या नशा तस्करी की जानकारी है, तो एएनटीएफ कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 पर बताएं। व्हाट्सऐप नंबर 9261225056 पर भी सूचना दी जा सकती है। पुलिस के मुताबिक सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।



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